प्रशासन का बड़ा फैसला, भागीरथपुरा में बोरिंग के पानी पर रोक लगाई
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित जल के कारण हुई हालिया घटना के बाद प्रशासन ने बोरिंग के पानी को पीने में उपयोग करने पर सख्त रोक लगा दी है। अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई एवं अनुपम राजन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में किसी भी बोरिंग का पानी पेयजल के रूप में इस्तेमाल न किया जाए और केवल शुद्ध व परीक्षणयुक्त जल की ही आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
बोरिंग का पानी पीने पर लगा प्रतिबंध
अपर मुख्य सचिव द्वारा भागीरथपुरा क्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया। क्षेत्र का निरीक्षण कर स्पष्ट निर्देश दिए कि बोरिंग से निकाले जा रहे पानी का उपयोग पीने या भोजन बनाने में किसी भी स्तर पर न किया जाए। उन्होंने कहा कि बोरिंग का पानी दूषित होने की आशंका को देखते हुए यह कदम नागरिकों की जान की सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
अपर मुख्य सचिव ने व्यवस्था की समीक्षा की
निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य सचिव ने पानी की टंकियों, पेयजल पाइपलाइनों, टैंकरों से की जा रही वैकल्पिक जल आपूर्ति तथा जल गुणवत्ता की निगरानी व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य न हो जाए, तब तक प्रभावित क्षेत्र में केवल शुद्ध और जांचा हुआ पानी ही उपलब्ध कराया जाए।
स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों की जानकारी भी ली
साथ ही नगर निगम को टैंकरों की संख्या बढ़ाने और समयबद्ध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। अपर मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग की गतिविधियों की जानकारी भी ली। क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर नागरिकों के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही हैं और पानी से संबंधित किसी भी समस्या की तुरंत जानकारी प्रशासन तक पहुंच रही हैं।




