
राजधानी के गोविंदपुरा स्थित अंतरराज्यीय बस टर्मिनस (आईएसबीटी) परिसर में रविवार शाम भीषण हादसा हो गया। यहां खड़ी वर्मा ट्रेवल्स की आठ बसों में अचानक आग लग गई। आग की लपटें और धुआं इतना विकराल था कि करीब एक किलोमीटर दूर से ही आसमान में काला धुआं उठता दिखाई दे रहा था। घटना के बाद स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया और लोग इधर-उधर भागने लगे।
सूचना मिलते ही दमकल की 10 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इस हादसे में चार बसें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं, जबकि अन्य पांच बसों का आधा हिस्सा आग की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गया। ये सभी बसें डीजल इंजन वाली थीं और सूरत, अहमदाबाद, पुणे, बालाघाट, छिंदवाड़ा और बैतूल रूट पर चलती थीं।
देखते ही देखते लपटों में घिरीं बसें, शॉर्ट सर्किट की आशंका
धमाके की आवाज के साथ फैली आग। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार शाम करीब सात बजे अचानक एक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी। देखते ही देखते एक बस में लगी आग ने पास खड़ी अन्य बसों को भी अपनी चपेट में ले लिया। बस मालिक ने शुरुआती आशंका में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह बताया है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस: आग लगी या लगाई गई
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस। मामले में गोविंदपुरा एसीपी अदिति भावसार ने बताया कि आग लगने के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस यह जांच कर रही है कि आग लगी, लगाई गई या किसी साजिश के तहत लगवाई गई है। आईएसबीटी परिसर में लगे आधा दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिसके बाद ही आग लगने की असली वजह साफ हो सकेगी।





