सागर में बड़ा घोटाला! सरकारी दर पर खरीदी, मिट्टी मिलाकर सरकार को लगाया करोड़ों का चूना

सागर जिले में सरकारी दर पर नकली सरसों खरीदी का मामला सामने आया है। रहली के छिरारी एवं खैराना की सहकारी समिति द्वारा सरकारी खरीदी में मिट्टी की करीब 8693 क्विंटल नकली सरसों की खरीद कर उसे छत्तीसगढ़ की एक फर्म को बेच दिया गया।
फर्म द्वारा सरसों की जांच कराने पर उसमें 30 से 40 प्रतिशत मिट्टी की सरसों की मिलावट पाई गई। शिकायत नाफेड से की गई, जिसकी जांच में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद रहली थाने में सहकारी समिति के दोनों संचालक, सर्वेयर और वेयर हाउस के शाखा प्रबंधक सहित पांच लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।
दरअसल, नाफेड द्वारा रबी विपणन वर्ष 2024-25 में भारत सरकार की समर्थन मूल्य योजना अंतर्गत सागर जिले की कृषि उपज मंडी रहली में सहकारी समितियों के माध्यम से सरकारी दर पर किसानों से सरसों की खरीदी की गई थी। सेवा सहकारी समिति रहली द्वारा 8470 बोरियों में 4235 क्विंटल और सेवा सहकारी समिति रहली उपकेंद्र द्वारा 9431 बोरियों में 4715 क्विंटल सरसों की सरकारी दर पर खरीदी कर उसे वेयर हाउस में रखा गया था।
इस सरसों को नाफेड द्वारा मेसर्स शिवशक्ति सागर ट्रेडिंग कम्पनी टांक, देवरी राजनांदगांव छत्तीसगढ़ को विक्रय किया गया। भुगतान के समय फर्म द्वारा नकली सरसों मिश्रित होने की शिकायत नाफेड भोपाल को की गई।





