मणिपुर में हिंसा, हथियारबंद उग्रवादियों ने कई घरों को आग लगाई, जिले में कर्फ्यू लागू

मणिपुर में नई सरकार बनने के एक हफ्ते के भीतर ही हिंसा भड़क गई। उपद्रवियों ने उखरुल जिले के लितान सरेइखोंग गांव में 25 घर और चार सरकारी क्वार्टर में आग लगा दी।
हिंसा के बाद पूरे जिले में कर्फ्यू लागू कर दिया गया। 10 फरवरी की सुबह 11:30 बजे से अगले पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। तांगखुल और कुकी जनजातियों के बीच हिंसक झड़प के बाद इलाके में सिक्योरिटी फोर्स मौजूद हैं।
हिंसा की शुरुआत 7 फरवरी की शाम लितान सरेइखोंग में हुए एक शराब के नशे में झगड़े से हुई थी, जिसमें तांगखुल नागा समुदाय के स्टर्लिंग नाम के व्यक्ति के साथ मारपीट हुई थी।
उखरुल जिले के लितान इलाके के आसपास गांवों में उपद्रवियों ने कई घरों में आग लगा दी। पुलिस ने बताया कि हिंसा के दौरान राइफल से गोलियां भी चलाई गईं। इलाके में दहशत फैलने के बाद कर्फ्यू लागू किया गया। स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण है, लेकिन भारी सुरक्षा तैनाती के चलते काफी हद तक कंट्रोल में है।
तनाव बढ़ने की आशंका के बीच लोगों ने बिना किसी प्रशासनिक मदद के अपने स्तर पर ही घर छोड़ना शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि लितान थाना पुलिस ने लोगों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की और कानून-व्यवस्था बनाए रखी है।
हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में बीएसएफ, सीआरपीएफ और असम राइफल्स के जवानों को तैनात किया गया है, जबकि अतिरिक्त सुरक्षा बल भी भेजे गए हैं।
इंफाल से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित लितान एक छोटा व्यावसायिक कस्बा है, जहां तांगखुल नागा और कुकी दोनों समुदाय रहते हैं। यह आसपास के गांवों के लिए व्यापारिक केंद्र के रूप में काम करता है।
लितान थाने में जॉइंट कंट्रोल रूम बनाया गया
सुरक्षा और समन्वय के लिए लितान पुलिस स्टेशन में जॉइंट कंट्रोल रूम बनाया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर कैंप कर रहे हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस ने बताया कि पिछले 24 घंटों में पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था सामान्य रही। संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों में सर्च ऑपरेशन और एरिया डॉमिनेशन जारी हैं।





