घमापुर-शीतलामाई मार्ग की लाइटें 10 दिनों से बंद, अंधेरे का फायदा उठाकर चाकू की नोक पर लूटपाट
रात के वक्त राहगीरों पर आवारा कुत्तों का हमला

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि जबलपुर। नगर पालिक निगम और मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के बीच आपसी तालमेल न होने का खामियाजा शहर की जनता को भुगतना पड़ रहा है। मानसून के इस सीजन में भी जबलपुर की कई मुख्य सड़कें रात होते ही पूरी तरह अंधेरे के आगोश में समा जाती हैं। इस अंधकार के कारण न केवल राहगीरों का आवागमन दूभर हो गया है, बल्कि असामाजिक तत्वों और आवारा कुत्तों का आतंक भी तेजी से बढ़ रहा है। शहर का घमापुर से शीतलामाई मंदिर होते हुए कांचघर की तरफ जाने वाला मुख्य मार्ग पिछले 10 दिनों से पूरी तरह अंधेरे में डूबा हुआ है। यहां लगी स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। स्थानीय नागरिकों द्वारा नगर निगम के प्रकाश विभाग में कई बार शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ। यही स्थिति कांचघर से रेलवे स्टेशन मार्ग, आधारताल से शोभापुर मार्ग, मदनमहल-महानद्दा, नौदरा ब्रिज से तैयब अली मार्ग और घंटाघर से कलेक्ट्रेट चौक तक की है, जहाँ आए दिन लाइटें बंद रहती हैं।
सड़कों पर अंधेरा होने के कारण शहर की कानून-व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। हाल ही में ऐसी कई वारदातें सामने आई हैं जहां देर रात दफ्तर से घर लौट रहे कामकाजी लोगों और यात्रियों को असामाजिक तत्वों ने चाकू की नोक पर अपना शिकार बनाया और लूटपाट की। इसके अलावा, रात के अंधेरे का फायदा उठाकर आवारा कुत्ते भी दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों पर हमला कर रहे हैं, जिससे विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों में दहशत का माहौल है। बारिश के दिनों में वैसे ही सड़कों की स्थिति जर्जर हो जाती है। ऐसे में स्ट्रीट लाइटें बंद होने से राहगीरों को सड़क के गड्ढे और जलभराव दिखाई नहीं देते। स्थानीय जनता का कहना है कि जिम्मेदार विभागों विद्युत विभाग और नगर निगम की इस घोर लापरवाही के चलते कभी भी कोई बड़ी सड़क दुर्घटना घटित हो सकती है।





