आम आदमी को मिली थोड़ी राहत… मांसाहारी खाने के दाम गिरे,सब्जियों और दालों की कीमतों में नरमी से सस्ती हुई घर की थाली

महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी के लिए राहत भरी खबर आई है। जनवरी महीने में घर में तैयार होने वाली शाकाहारी और मांसाहारी थाली की कीमतों में पिछले साल के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई है। इसका मुख्य श्रेय प्याज, आलू और दालों की कीमतों में आई कमी को जाता है।
मंगलवार को जारी क्रिसिल इंटेलिजेंस (CRISIL Intelligence) की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 में शाकाहारी थाली की लागत में सालाना आधार पर 1% और मांसाहारी थाली में 7% की कमी आई है।
क्यों सस्ती हुई आपकी थाली?
थाली की कीमतों में गिरावट का सबसे बड़ा कारण रसोई की मुख्य वस्तुओं जैसे प्याज, आलू और दालों के दाम कम होना रहा।
प्याज और आलू: प्याज की कीमतों में सालाना आधार पर 27% की भारी गिरावट देखी गई। इसका कारण बाजार में स्टॉक की अधिक उपलब्धता और निर्यात में आई कमी है। वहीं, आलू की कीमतें भी 23% तक गिर गईं।
दालें: दालों की कीमतों में पिछले साल की तुलना में 14% की कमी आई है। रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में दालों के स्टॉक में सुधार होने से कीमतों में यह नरमी देखने को मिली है।
आयात नीति का असर
देश में दालों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का सीधा असर कीमतों पर पड़ा है।
बंगाल चना: वित्त वर्ष 2025 में इसका आयात सालाना आधार पर 9 गुना बढ़ गया।
पीली मटर और उड़द: पीली मटर का आयात 85% और काली चना (उड़द) का आयात 31% बढ़ा है।
सरकारी राहत: इन आयातों को मार्च 2026 तक जारी रखने की अनुमति दी गई है, जिससे बाजार में आपूर्ति बनी रही।
टमाटर और रसोई गैस ने बिगाड़ा बजट
सब्जियों और दालों ने जहां राहत दी, वहीं कुछ वस्तुओं ने थाली की कीमतों में बड़ी गिरावट आने से रोक दिया।
जनवरी 2025 में जो टमाटर 31 रुपए प्रति किलो था, वह जनवरी 2026 में 46 रुपए पर पहुंच गया। इस 50% की वृद्धि का कारण उत्पादन और आवक में 39% की कमी रही।
वैश्विक कारणों से वनस्पति तेल (सोयाबीन तेल) की कीमतों में 4% और एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 6% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है।





