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अब ऑनलाइन बुकिंग,मध्‍य प्रदेश में स्मारक और संग्रहालयों के लिए…. 30 फीसदी बढ़ी आवेदनों की संख्या

प्रदेश में स्थित स्मारक और संग्रहालयों के लिए टिकट की बुकिंग ऑनलाइन होने से पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है। पहले के मुकाबले 30 फीसदी आवेदन ज्यादा आ रहे हैं। मध्य प्रदेश में धरोहर स्थलों की कोई कमी नहीं है और कोरोना काल के बाद इन स्थलों की लोकप्रितयता भी बढ़ी है।

राज्य पुरातत्व विभाग के राज्यभर में स्थित विभित्र विरासत स्थलों को प्री-वेडिंग शूट, फोटोग्राफी,वीडियोग्राफी, ड्रोन शूट आदि के लिए बहुत पसंद किया जा रहा है। पहले संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय द्वारा मैन्युअल अनुमति प्रदान की जाती थी। आवेदन पहले स्थानीय कार्यालय और फिर मुख्यालय आते थे।

इस प्रक्रिया को आसान बनाते हुए संचालनालय द्वारा अनुमतियों को मंजूरी देने के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक घर बैठे अनुमति प्राप्त कर सकते हैं। अब लोगों को कार्यालय के चक्कर नहीं लगाना पड़ रहे हैं।

इसके के साथ ही संचालनालय द्वारा ई-गवर्नेंस सेवाओं में वाट्सएप चैटबाट शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से आम नागरिक घर बैठे संग्रहालय और स्मारकों का भ्रमण करने के लिए टिकट बुक कर सकते हैं।

संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय के उप संचालक और आईटी प्रभारी नीलेश लोखंडे ने बताया कि साधारण टिकट की बुकिंग ऑनलाइन और मैन्युअल दोनों माध्यम से हो रही है, लेकिन फिल्म शूटिंग, प्री व पोस्ट वेडिंग शूट और ड्रोन शूटिंग की अनुमति अब सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से हो रही है।

ऑनलाइन सिस्टम लागू होने के बाद जहां बुकिंग करने वालों को सुविधा हो रही है। उन्हें कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। इससे आवेदनों की संख्या में 25 से 30 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। वहीं विभाग के कार्य में भी पारदर्शित आई है और राजस्व बढ़ा है।

यहां करें अपने आवेदन

ऑनलाइन अनुमति प्राप्त करने के लिए विभागीय वेबसाइट archaeology.mp.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके साथ ही आनलाइन टिकट वाट्सअप चैटबाट नंबर 91-9522840076 से बुक किया जा सकता है।उल्लेखनीय है कि राज्य पुरातत्व के अधीन मध्य प्रदेश में वर्तमान करीब पांच सौ संरक्षित स्मारक, जिनमें छोटे-बड़े मंदिर, गुफाएं, किले, छत्रियां और महल आदि मौजूद हैं।वहीं 45 संग्रहालय हैं,जहां इस तरह की मांग लगातार बनी रहती है।

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