अंतरिक्ष से गिरने वाला मलबा विमानों की आवाजाही के लिए एक बड़ा संकट : 2030 तक आसमान में हो सकता है ‘चक्का जाम’
फ्लाइट देरी की समस्या होगी विकराल

अब तक आपने खराब मौसम, तकनीकी खराबी या हड़ताल के कारण उड़ानों में देरी की खबरें सुनी होंगी, लेकिन भविष्य में ‘अंतरिक्ष का कचरा’ (Space Debris) हवाई सफर का गणित बिगाड़ सकता है। साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित एक नए शोध ने चेतावनी दी है कि अंतरिक्ष से गिरने वाला मलबा विमानों की आवाजाही के लिए एक बड़ा संकट बनने वाला है।
शोधकर्ताओं के मुताबिक, खराब उपग्रहों और रॉकेट के हिस्सों का पृथ्वी के वायुमंडल में अनियंत्रित तरीके से प्रवेश (Re-entry) विमानों के लिए जोखिम पैदा कर रहा है। डेटा के अनुसार, किसी अनियंत्रित रॉकेट के दोबारा प्रवेश की वार्षिक संभावना 26 प्रतिशत तक है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि मलबा सीधे विमान से टकराएगा, बल्कि खतरा यह है कि जब रॉकेट के हिस्से उस हवाई क्षेत्र (Airspace) से गुजरते हैं जहां यात्री विमान उड़ रहे होते हैं, तो सुरक्षा कारणों से अधिकारियों को वह पूरा रूट बंद करना पड़ता है। इससे उड़ानों के मार्ग बदलने पड़ते हैं और लंबी देरी होती है।





