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DGCA का एअर इंडिया के पायलट को नोटिस,खराबी के बावजूद उड़ी फ्लाइट:दरवाजे के पास से धुएं की गंध भी आई

पायलट और क्रू ने सही आकलन नहीं किया

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एअर इंडिया के एक पायलट को तकनीकी खराबी वाला प्लेन उड़ाने के लिए शो-कॉज नोटिस जारी किया है। यह मामला गुरुवार को सामने आया। फ्लाइट AI-358 और AI-357 हैं।

DGCA के मुताबिक विमान में पहले से कई तकनीकी खराबियां दर्ज थीं। इसके बावजूद विमान को ऑपरेट किया गया। DGCA ने पायलट का नाम नहीं बताया है। यह नोटिस कब भेजा गया, इसकी जानकारी भी सामने नहीं आई है।

DGCA के मुताबिक AI-358 के दौरान PACK ACM L (लेफ्ट एयर साइकिल मशीन) और पैक मोड से जुड़ी चेतावनी मिली। साथ ही R2 दरवाजे के पास धुएं जैसी गंध की शिकायत भी हुई। फिर भी विमान ऑपरेट किया गया। इसी सिस्टम से जुड़ी खराबियां पहले की 5 उड़ानों में भी दर्ज की गई थीं।

DGCA ने बताया कि जांच में पाया गया कि विमान VT-ANI को मिनिमम एक्विपमेंट लिस्ट (MEL) के नियमों के मुताबिक उड़ान के लिए मंजूरी नहीं दी गई। लोअर राइट रीसर्कुलेशन फैन से जुड़े MEL नियमों का पालन नहीं हुआ। यह सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट (CAR) का उल्लंघन है।

DGCA ने कहा कि पायलट और क्रू ने तकनीकी स्थिति और सुरक्षा जोखिम का सही आकलन नहीं किया। पायलट को 14 दिन में जवाब देने को कहा गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर एयरक्राफ्ट रूल्स और CAR के तहत कार्रवाई, सस्पेंशन तक हो सकता है। जवाब न देने पर DGCA एकतरफा फैसला ले सकता है।

MEL यानी मिनिमम इक्विपमेंट लिस्ट है, जिसमें तय होता है कि किन तकनीकी खामियों के बावजूद विमान उड़ सकता है।

CAR यानी सिविल एविएशन रिक्वायरमेंट DGCA के नियम हैं, जिनका पालन सभी एयरलाइंस और क्रू के लिए अनिवार्य है।

स्नैग के बावजूद विमान स्वीकार करना गंभीर लापरवाही

DGCA ने साफ किया है कि बार-बार दर्ज स्नैग के बावजूद विमान स्वीकार करना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी। यात्रियों के स्तर पर किसी चोट या नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन रेगुलेटर ने इसे सेफ्टी रिस्क माना।

 

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