hi Hindi en English pa Punjabi ur Urdu
State City Dropdown
ताजा खबरेंबिज़नेस
Trending

ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी में बड़ी कटौती:कच्चा तेल महंगा होने से कंपनियां बढ़ा सकती थीं, इसे रोकने के लिए फैसला

सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में 10-10 रुपए की कटौती कर दी है। पेट्रोल पर ड्यूटी ₹13 रुपए प्रति लीटर से घटाकर ₹3 रुपए, जबकि डीजल पर ₹10 से शून्य कर दी गई है। न्यूज एजेंसी PTI ने यह जानकारी दी।

यूएस-इजराइल के साथ ईरान की जंग के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 73 डॉलर से बढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। इससे तेल कंपनियों को घाटा हो रहा था। घाटा कवर करने के लिए तेल कंपनियां दाम बढ़ा सकती थीं। एक्साइज ड्यूटी घटाकर पेट्रोल-डीजल के दामों को स्थिर रखा गया है।

जवाब: न्यूज एजेंसी के मुताबिक, सरकार ने पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी में ₹10 की कमी की है, जिससे अब यह घटकर ₹3 प्रति लीटर रह गई है। वहीं, डीजल पर भी ₹10 की कटौती की गई है, जिससे अब डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी जीरो (0) हो गई है।

सवाल 2: क्या कल से पेट्रोल-डीजल के दाम ₹10 कम हो जाएंगे?

नहीं, इसकी संभावना कम है। भले ही सरकार ने टैक्स कम किया है, लेकिन पेट्रोल-डीजल के रिटेल रेट सीधे सरकार तय नहीं करती। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियां कच्चे तेल की कीमत और अपने मुनाफे के आधार पर रेट तय करती हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनियां इस छूट का इस्तेमाल अपने पिछले घाटे की भरपाई के लिए करेंगी।

सवाल 3: तेल कंपनियां दाम क्यों नहीं घटाना चाहतीं?

जवाब: इसका मुख्य कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं। पिछले कुछ हफ्तों से वेस्ट एशिया में चल रहे तनाव के कारण तेल कंपनियां महंगा क्रूड खरीद रही थीं, लेकिन उन्होंने घरेलू बाजार में दाम नहीं बढ़ाए थे। कंपनियां अब इस टैक्स कटौती का इस्तेमाल उस नुकसान को कवर करने और अपने मार्जिन को स्थिर करने में करेंगी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक तेल कंपनियां फिलहाल पेट्रोल पर 24 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 30 रुपए प्रति लीटर का घाटा सह रही हैं।

सवाल 4. प्राइवेट कंपनियां क्या रुख अपना रही हैं?

जवाब: प्राइवेट प्लेयर पहले ही दबाव में हैं। सरकार के इस फैसले से ठीक एक दिन पहले ही नायरा एनर्जी ने पेट्रोल ₹5 प्रति लीटर और डीजल ₹3 महंगा कर दिया था। अब भोपाल में इस कंपनी का पेट्रोल 111.72 रुपए और डीजल 94.88 रुपए पर पहुंच गया है।। इससे साफ है कि प्राइवेट प्लेयर्स के लिए मौजूदा रेट पर तेल बेचना मुश्किल हो रहा है।

सवाल 5: क्या भविष्य में दाम और बढ़ सकते हैं?

जवाब: यह पूरी तरह से ग्लोबल मार्केट पर निर्भर है। ब्रेंट क्रूड फिलहाल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर ट्रेड कर रहा है। अगर वेस्ट एशिया में तनाव और बढ़ता है और सप्लाई चेन बाधित होती है, तो कच्चे तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं। ऐसी स्थिति में एक्साइज ड्यूटी में की गई कटौती केवल एक ‘कुशन’ का काम करेगी ताकि कीमतें बहुत ज्यादा न बढ़ें।

सवाल 6: इस कटौती से सरकार को क्या नुकसान होगा?

जवाब: एक्साइज ड्यूटी कम करने से केंद्र सरकार के राजस्व में कमी आएगी। पेट्रोलियम मंत्री के अनुसार, सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आए ‘शॉक’ का पूरा असर भारतीय उपभोक्ताओं पर न पड़े और उन्हें महंगाई से बचाया जा सके।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

seventeen + 18 =

Back to top button