यह स्टेशन जनवरी 2021 तक 100 फीसद विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला मप्र का पहला स्टेशन बन जाएगा। अब तक यह सभी सुविधाएं मिलने लगतीं, लेकिन कोरोना संक्रमण की वजह से काम बंद करना पड़ा था। इस स्टेशन से सामान्य दिनों में 15 हजार और अवकाश व शादियों के सीजन में 30 हजार यात्री आना-जाना करते हैं।

भोपाल (राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि): अब हबीबगंज रेलवे स्टेशन नए स्वरूप में दिखने लगा है। यात्रियों को 50 फीसद नई सुविधाएं मिलने लगी हैं। यात्रीगण कृपया ध्यान दें, स्टेशन को पुनः विकसित करने का काम चल रहा है इसलिए असुविधाओं के लिए हमें खेद है वाला दौर खत्म हो चुका है।
फीसद में कामों की प्रगति:
- 100 फीसद काम दोनों अंडर ग्राउंड सब-वे का हुआ।
- 85 फीसद काम प्लेटफार्म-5 की तरफ वाली एंट्री का पूरा हुआ। पुरानी बिल्डिंग के सामने का हिस्सा नया बना दिया है। यहां भी पार्किंग व्यवस्थित की जानी है।
- 80 फीसद एस्केलेटर लग गए।
- 80 फीसद ट्रेवलेटर लगा दिए गए।
- 70 फीसद वॉशिंग एप्रिन पक्के बना दिए, जो एयर प्रेशर से धुले जाएंगे। पानी की बर्बाद को रोका जाएगा।
- 80 फीसद काम 36 मीटर ऊंची नई बिल्डिंग का काम पूरा हो चुका है। यह प्लेटफार्म-1 की तरफ बनी हैं। इसमें कई यात्री सुविधाएं रहेंगी। यह एयर कान्कोर से जुडी होंगी।
- 83 फीसद काम एयर कान्कोर (आधुनिक फुट ओवर ब्रिज) का पूरा हो गया। यह सबसे कठिन काम था, क्योंकि रेलवे ट्रैक के ऊपर इसे बनाया जा रहा है।
- 900 यात्रियों के बैठने की व्यवस्था होगी, चार माह में बनकर चालू होगा।
- 92 फीसद प्लेटफार्म शेड से कवर्ड कर दिए।
- 80 फीसद एलईडी डिस्प्ले लगा दिए, जिन पर ट्रेनों के कोच की पोजिशन पता चल रही है। 20 फीसद काम बाकी है।
- 65 फीसद फ्लोरिंग प्लेटफार्मों पर हो गई। बाकी के हिस्सों में तेजी से काम चल रहा है।
- 61 फीसद काम प्लेटफार्म-1 की तरफ वाली एंट्री का हो चुका है। इस ओर पार्किंग व्यवस्थित की जानी है।
अब तक यात्रियों को ये फायदा:
- एलईडी डिस्प्ले चालू होने से कोच की पोजिशन मिलती है।
- शेड लगने से धूप व बारिश की दिक्कत नहीं।
- अंडर ग्राउंड सब-वे चालू होने से प्लेटफार्मों पर आने-जाने की झंझट खत्म। अब एक जगह भीड़ नहीं होती।
जनवरी 2021 में स्टेशन विश्व स्तरीय सुविधाओं के रूप में चालू हो जाएगा। वैसे तो अभी भी स्टेशन पर यात्रियों को कोई असुविधा नहीं है। प्रमुख काम पूरे कर लिए गए हैं। एयर कान्कोर व 36 मीटर ऊंची बिल्डिंग का कुछ काम बाकी है, जो दिसंबर 2020 तक पूरे कर देंगे।