ज्यादा उबली हुई चाय सेहत के लिए खतरनाक….क्या आप भी गलत तरीके से बना रहे हैं चाय? पढ़ें पूरा सच

चाय भारत में सिर्फ एक पेय नहीं, बल्कि एक भावना है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी सुबह की एक प्याली चाय आपकी सेहत बना भी सकती है और बिगाड़ भी? अक्सर हम स्वाद के चक्कर में चाय को तब तक उबालते हैं जब तक वह गाढ़ी न हो जाए, लेकिन डॉक्टरों के अनुसार यह तरीका धीमे जहर के समान है। हाल ही में डॉ. बृजपाल त्यागी ने चाय बनाने के वैज्ञानिक और सही तरीके पर रोशनी डाली है, जिससे आप इसके औषधीय गुणों का पूरा लाभ उठा सकते हैं।
चाय और ‘हैप्पी हार्मोन’ का कनेक्शन
चाय न केवल सुस्ती भगाती है, बल्कि यह शरीर में ‘हैप्पी हार्मोन्स’ को रिलीज करने में भी मदद करती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करते हैं और बढ़ती उम्र के लक्षणों यानी एजिंग प्रोसेस को धीमा करते हैं। लेकिन ये सभी फायदे तभी मिलते हैं जब चाय बनाने की विधि सही हो।
उबालने की गलती न करें
अधिकतर लोग पानी, दूध और चायपत्ती को एक साथ घंटों उबालते हैं। डॉक्टर त्यागी के अनुसार सही तरीका यह है:
सबसे पहले पानी और दूध को अच्छी तरह उबाल लें।
जब दूध-पानी उबल जाए, तब गैस बंद करें या आंच धीमी कर चायपत्ती डालें।
इसे कुछ देर के लिए ढक कर छोड़ दें (Infusion Method) और फिर छानकर पिएं।
चाय को जितना ज्यादा उबाला जाता है, उसके कीमती एंटीऑक्सीडेंट्स उतने ही ज्यादा नष्ट हो जाते हैं।
बार-बार उबालने से बढ़ता है ‘टैनिन’ का खतरा
चाय को बार-बार गर्म करना या देर तक खौलाना सेहत के लिए खतरनाक है। ज्यादा उबालने से चाय में ‘टैनिन’ (Tannin) की मात्रा बढ़ जाती है। टैनिन का उच्च स्तर पाचन में दिक्कत और शरीर में आयरन के अवशोषण (Absorption) को रोक सकता है।
चाय बनाने का ‘गोल्डन रूल’
डॉक्टर के अनुसार, एक बेहतरीन और सेहतमंद प्याली के लिए ‘2 मिनट का नियम’ अपनाएं:
चायपत्ती को गर्म पानी/दूध में सिर्फ 2 मिनट के लिए ही ब्रू (Brew) करें।
2 मिनट होते ही इसे तुरंत छान लें। इससे स्वाद और सेहत दोनों बरकरार रहते हैं।
ब्लैक टी के लिए क्या है सलाह?
अगर आप बिना दूध की चाय (Black Tea) के शौकीन हैं, तो ‘सीटीसी’ (दाना चाय) के बजाय असली चाय की पत्तियों (Long Leaf Tea) का उपयोग करें। असली पत्तियों को गरम पानी में डालकर कुछ देर छोड़ने से उनकी प्राकृतिक खुशबू और गुण पानी में उतर आते हैं।





