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क्या कहता है विज्ञान और आयुर्वेद? खाने के तुरंत बाद पानी पीना सेहत के लिए हानिकारक??

भारतीय संस्कृति और आयुर्वेद में भोजन करने के कुछ विशेष नियम बताए गए हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण नियम है – खाने के तुरंत बाद पानी न पीना। अधिकांश लोग खाना खत्म करते ही एक गिलास पानी पी लेते हैं, लेकिन यह छोटी सी आदत आपके पाचन तंत्र (Digestive System) को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। आइए जानते हैं इसके पीछे के मुख्य कारण…

पाचन प्रक्रिया का धीमा होना और एसिडिटी की समस्या

भोजन पचाने के लिए पेट में ‘जठराग्नि’ (पाचन अग्नि) सक्रिय होती है। जब हम तुरंत पानी पीते हैं, तो पेट में मौजूद डाइजेस्टिव एंजाइम्स और गैस्ट्रिक जूस पतले हो जाते हैं। इससे भोजन पचने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप गैस, एसिडिटी, ब्लोटिंग (पेट फूलना) और सीने में जलन जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं।

ब्लड शुगर और इंसुलिन लेवल पर प्रतिकूल प्रभाव

खाने के तुरंत बाद पानी पीने से शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ सकता है। जब भोजन सही ढंग से नहीं पचता, तो वह ग्लूकोज में परिवर्तित होकर शरीर में ‘फैट’ (वसा) के रूप में जमा होने लगता है। इससे न केवल वजन बढ़ने का खतरा रहता है, बल्कि ब्लड शुगर लेवल भी अनियंत्रित हो सकता है।

पोषक तत्वों के अवशोषण (Absorption) में कमी

स्वस्थ शरीर के लिए भोजन से विटामिन, मिनरल्स और प्रोटीन का अवशोषण जरूरी है। यदि पाचन तंत्र ठीक से काम नहीं करता, तो आंतें भोजन में मौजूद इन आवश्यक पोषक तत्वों को सोख नहीं पातीं। लंबे समय तक ऐसा होने से शरीर में कमजोरी और पोषण की कमी हो सकती है।

खाना खाने और पानी पीने का सही तरीका क्या है?

समय का अंतराल: हमेशा खाना खाने से 30 मिनट पहले और खाने के कम से कम 40 से 60 मिनट बाद ही पानी पिएं।

जरूरत पड़ने पर: यदि भोजन के दौरान गला सूख रहा हो या तीखा लग रहा हो, तो एक-दो घूंट गुनगुना पानी या छाछ का सेवन किया जा सकता है।

अच्छे से चबाएं: भोजन को जितना अधिक चबाकर खाएंगे, लार (Saliva) उतनी ही बेहतर तरीके से मिलेगी, जिससे पाचन में पानी की कमी महसूस नहीं होगी।

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