सूत्रों के मुताबिक़ सभी आरोपित फरार हैं। इन पर एएसपी अमित तोलानी ने दो-दो हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। जांच पूरी होने तक घोटाले का आंकड़ा करीब 100 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। बता दें कि उपभोक्ताओं से धोखाधड़ी करके की जाती थी भरपाई साथ ही केरोसिन में भी गड़बड़ी पायी गयी.

महू (राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि): बड़गोंदा थाना पुलिस ने माल परिवहन करने वाले ठेकेदार व कांग्रेस नेता मोहन अग्रवाल, उसके दोनों बेटे मोहित व तरुण, सहयोगी आयुष अग्रवाल, लोकेश अग्रवाल, जबकि किशनगंज थाना पुलिस ने चार राशन दुकानों के संचालकों को आरोपित बनाया है। महू क्षेत्र की सरकारी उचित मूल्य की दुकानों पर सप्लाई होने वाले राशन में 50 करोड़ का घोटाला सामने आया है। मामले में दो थानों की पुलिस ने नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
सूचना के आधार पर एसडीएम अभिलाष मिश्रा ने मामले की जांच शुरू की तो नागरिक आपूर्ति निगम से राशन दुकानों तक माल पहुंचाने वाले मोहन व उसके दोनों बेटों के नाम पता चले। ये लोग राशन दुकानों पर संचालकों और शासकीय कर्मचारियों से साठगांठ करअनाज विशेषकर चावल राशन की दुकानों पर पहुंचाने के बाद उसमें से करीब 8-10 क्विंटल वापस ले आते थे। इसके लिए तरुण दुकान संचालकों को रुपये देता था। गड़बड़ी में स्थानीय व्यापारियों के साथ कई शासकीय कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है।घोटाले की जांच 17 अगस्त को शुरू की गई थी।
शनिवार को कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि इसी अनाज को बाजार में खपाया जाता था। सिंह ने इस मामले में सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता बताई है। महू मंडी परिसर में अग्रवाल के एक गोदाम पर जब छापा मारा गया तो वहां से चावल के 600 बोरे मिले, जिसका हिसाब अग्रवाल नहीं दे सका। चावल पर सरकारी मंडी में कोई कर नहीं होता है, ऐसे में चावल का वहां होना ही संदेहास्पद था।
राशन दुकानों पर जो चावल मिला, उसकी गुणवत्ता वहां दिए जाने वाले चावल से काफी खराब थी। ऐसे में आशंका है कि आरोपित चावल बदलते भी थे। कलेक्टर ने बताया कि राशन दुकानों से जो अनाज मोहन वापस लेता था, उसकी पूर्ति उपभोक्ताओं से की जाती थी। उन्हें धोखाधड़ी करके कम राशन दिया जाता था।
सरकारी केरोसिन के अवैध उपयोग और उसकी कालाबाजारी का भी एक मामला मोहन पर दर्ज किया गया है। मोहन अग्रवाल पर केरोसिन में भी गड़बड़ी का आरोप है। एसडीएम मिश्रा ने उसके वाहनों की जांच में पाया कि सभी वाहन नीले केरोसिन से चलाए जा रहे थे।
इन दोनों व्यापारियों के यहां जांच की गई तो मंडला और नीमच की फर्मों के भी नाम सामने आए जहां इन दोनों व्यापारियों ने माल बेचना बताया। नीमच स्थित फर्म के मालिक पर वहीं के थाने में सरकारी राशन की हेराफेरी का मामला दर्ज है। कलेक्टर ने बताया कि फरार आरोपितों के सामने नहीं आने पर इनकी संपत्ति कुर्क की जाएगी। अग्रवाल 20 वर्षों से राशन दुकानों को माल सप्लाई कर रहा है।
मंडला व नीमच की फर्मों के नाम भी जुड़ेकलेक्टर के मुताबिक मोहन के कर्मचारियों से पता चला कि मोहन अनाज की धांधली कर अपने सहयोगी व्यापारी आयुष और लोकेश को माल बेचता था।