नौकरी के साथ फ्रीलांसिंग करना गैर कानूनी है?

वर्क-फ्रॉम-होम और डिजिटल स्किल्स के दौर में ‘साइड हसल’ (Side Hustle) या फ्रीलांसिंग का चलन तेजी से बढ़ा है। ग्राफिक डिजाइनिंग, कंटेंट राइटिंग और वेब डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में लोग अपनी 9-से-5 की नौकरी के साथ अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं।
किन क्या आप जानते हैं कि बिना जानकारी के दूसरी जगह काम करना आपको कानूनी मुसीबत में डाल सकता है?
गोपनीयता (Confidentiality) – अपनी मुख्य कंपनी के डेटा, क्लाइंट लिस्ट या किसी भी गुप्त जानकारी का उपयोग फ्रीलांसिंग में करना गंभीर अपराध माना जा सकता है।
संसाधनों का उपयोग – ऑफिस के लैपटॉप, इंटरनेट या वर्किंग ऑवर्स (Working Hours) का इस्तेमाल निजी काम के लिए करना ‘ब्रीच ऑफ ट्रस्ट’ की श्रेणी में आता है।
सुरक्षित फ्रीलांसिंग के लिए 4 गोल्डन टिप्स
यदि आप अपनी नौकरी को खतरे में डाले बिना अतिरिक्त आय करना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें-
अधिकांश निजी कंपनियां अपने कॉन्ट्रैक्ट में ‘एक्सक्लूसिविटी क्लॉज’ (Exclusivity Clause) रखती हैं। इसका मतलब है कि जब तक आप उस कंपनी के कर्मचारी हैं, आप कहीं और पेशेवर सेवाएँ नहीं दे सकते।
इन 3 शर्तों का उल्लंघन पड़ सकता है भारी
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी फ्रीलांस प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले अपने अपॉइंटमेंट लेटर की इन शर्तों को जरूर जांचें-
नॉन-कम्पीट क्लॉज (Non-Compete Clause) – आप अपनी कंपनी के प्रतिस्पर्धी (Competitor) के लिए काम नहीं कर सकते। उदाहरण के तौर पर, यदि आप एक आईटी फर्म में हैं, तो दूसरी प्रतिस्पर्धी आईटी फर्म का प्रोजेक्ट लेना नीति का उल्लंघन है।
गोपनीयता (Confidentiality) – अपनी मुख्य कंपनी के डेटा, क्लाइंट लिस्ट या किसी भी गुप्त जानकारी का उपयोग फ्रीलांसिंग में करना गंभीर अपराध माना जा सकता है।
संसाधनों का उपयोग – ऑफिस के लैपटॉप, इंटरनेट या वर्किंग ऑवर्स (Working Hours) का इस्तेमाल निजी काम के लिए करना ‘ब्रीच ऑफ ट्रस्ट’ की श्रेणी में आता है।
सुरक्षित फ्रीलांसिंग के लिए 4 गोल्डन टिप्स
यदि आप अपनी नौकरी को खतरे में डाले बिना अतिरिक्त आय करना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें-
ट्रांसपेरेंसी (पारदर्शिता) – सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि आप अपने HR विभाग से लिखित अनुमति लें। कई कंपनियां ‘नॉन-डिस्क्लोजर’ एग्रीमेंट के साथ साइड प्रोजेक्ट्स की अनुमति देती हैं।
समय का प्रबंधन – सुनिश्चित करें कि फ्रीलांसिंग के चक्कर में आपकी मुख्य नौकरी की परफॉरमेंस खराब न हो।
टैक्स का नियम – फ्रीलांसिंग से होने वाली कमाई को अपने इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में जरूर दिखाएं।
निजी गैजेट्स का उपयोग – फ्रीलांस काम के लिए हमेशा अपने व्यक्तिगत लैपटॉप और मोबाइल का ही इस्तेमाल करें।
पकड़े जाने पर क्या होगा?
बिना बताए फ्रीलांसिंग करने पर कंपनियां ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाती हैं। नियमों के उल्लंघन पर कर्मचारी को बिना नोटिस के बर्खास्त (Terminate) किया जा सकता है। इसके अलावा, डेटा लीक जैसी स्थिति में कानूनी मुकदमा भी चलाया जा सकता है, जिससे भविष्य में दूसरी नौकरी मिलना मुश्किल हो सकता है।





