पहले वैलेंटाइन डे, फिर मर्डर; हरियाणा में पति ने रची पत्नी की मौत की साजिश, कैंची से मर्डर कर गढ़ी झूठी कहानी

बादली थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक खाली रजवाहे में मिली युवती की लाश की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने एक ऐसे सनसनीखेज सच का खुलासा किया है, जिसने रिश्तों को तार-तार कर दिया है। यह मर्डर मिस्ट्री किसी बाहरी बदमाश की करतूत नहीं, बल्कि एक पति के बीमार शक की कहानी निकली। आरोपित सीए पति अंशुल ने अपनी ही पत्नी की हत्या सिर्फ इसलिए कर दी क्योंकि उसे बैंकर पत्नी महक का अपने सहकर्मियों से बात करना नागवार गुजरता था। बहरहाल, बादली थाना प्रभारी सुरेश हुड्डा ने प्रेस वार्ता में बताया कि आरोपित पति को अदालत में पेश करते हुए दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जिसमें कड़ियों को जोड़ते हुए अनसुलझे पहलुओं को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
सनकी पति ने रची खूनी साजिश
पूछताछ के दौरान हत्या की जो वजह सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। थाना प्रभारी हुड्डा ने बताया कि मृतका महक गुरुग्राम में काम करती थी। आरोपित पति को शक था कि वह वहां अपने साथ काम करने वाले सहकर्मियों से फोन पर बातचीत करती है। इस बात से वह इतना नाराज और असुरक्षित महसूस करता था कि उसने अपनी पत्नी को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। यही बातचीत अंततः उसकी मौत का कारण बनी। आरोपी पति ने वारदात को अंजाम देने के लिए पूरी प्लानिंग की थी ताकि वह कानून की नजरों से बच सके। उसने हाथों में दस्ताने पहने थे ताकि हत्या के वक्त या लाश को फेंकते समय उसके फिंगर प्रिंट्स न आएं।
कैंची से किया वार और फिर गढ़ी बदमाशों के हमले की झूठी कहानी
बीती 15 फरवरी की रात, हिसार से चलते वक्त वह अपने साथ पहले से ही एक कैंची लेकर चला था, जिससे उसने अपनी पत्नी महक के गले पर वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद सीए अंशुल ने खुद को घायल दिखाया और शोर मचाया कि हिसार से गुरुग्राम जाते समय बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। उसने कहानी गढ़ी कि बदमाशों ने उन्हें नुकसान पहुंचाया है। मौके पर पहुंची बादली पुलिस और डायल 112 की टीम को शुरुआती जांच में ही पति के बयानों पर संदेह हो गया था। बादली थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपित ने लोगों की मदद से पुलिस को सूचना दिलवाई ताकि वह बेगुनाह दिखे। लेकिन घटनास्थल के पास ही गाड़ी का मिलना और बयानों में विरोधाभास ने उसकी पोल खोल दी।
चार महीनों में कभी नहीं हुआ अनबन का आभास
मृतका के स्वजनों के लिए यह खुलासा किसी सदमे से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले चार महीनों के दौरान आरोपी ने कभी ऐसा व्यवहार नहीं किया जिससे उनके बीच किसी अनबन का आभास हो। स्वजनों के अनुसार, वे आरोपित की साजिश और इस हद तक जाकर किए गए हमले से पूरी तरह अनजान थे। गहन पूछताछ में उसने कबूल किया कि सहकर्मियों से बातचीत के शक के चलते उसने पत्नी को मार डाला। बहरहाल, पुलिस ने आरोपित को रिमांड पर लिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस साजिश में क्या कोई और भी शामिल था।





