रिपोर्ट- ईरान ने पाकिस्तान में होने वाली सीजफायर डील में शामिल होने से किया इनकार; कहा- लेबनान में सीजफायर लागू होने तक कोई डील नहीं

ईरान ने पाकिस्तान में होने वाली सीजफायर डील में शामिल होने से इनकार कर दिया है। ईरानी मीडिया फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान ने कहा है कि जब तक लेबनान में सीजफायर लागू नहीं हो जाता वह बातचीत नहीं करेगा।
इससे पहले अमेरिकी वेबसाइट वॉल स्ट्रीट जनरल ने खबर दी थी कि ईरानी डेलिगेशन गुरुवार शाम पाकिस्तान पहुंच गया है। इसमें संसद अध्यक्ष गालिबाफ और विदेश मंत्री अराघची शामिल हैं। हालांकि फार्स न्यूज ने इसे फेक बताया।
इससे पहले 7 अप्रैल को अमेरिका और ईरान 2 सप्ताह के सीजफायर पर सहमत हुए थे। यह भी तय हुआ था कि दोनों देशों के नेता पाकिस्तान में मीटिंग के लिए मिलेंगे। बातचीत शनिवार को इस्लामाबाद में होनी है। इसके लिए अमेरिकी डेलिगेशन आज इस्लामाबाद पहुंचेगा।
• ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम- अमेरिका का कहना है कि ईरान में कोई संवर्धन नहीं होगा। ईरान को अपना सारा हाई-लीवल इनरिच्ड यूरेनियम बाहर करना होगा और न्यूक्लियर फैसिलिटीज बंद या सीमित करनी होंगी।
• स्ट्रेट ऑफ होर्मुज- दुनिया का बहुत सारा तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। ईरान अभी भी इसका नियंत्रण रखना चाहता है और टोल (फीस) लेने की बात कर रहा है। वहीं, अमेरिका चाहता है कि रास्ता पूरी तरह खुला और सुरक्षित हो, बिना किसी रुकावट या फीस के।
• बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम- अमेरिका ईरान की लंबी दूरी की मिसाइलों पर रोक लगाना चाहता है।
• सैंक्शंस हटाना- ईरान चाहता है कि सभी अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध तुरंत हटा दिए जाएं, फ्रोजन एसेट्स वापस मिलें और मुआवजा भी मिले।





