रिश्वतखोर अकाउंटेंट पर EOW का शिकंजा, नगर पालिका में 5,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

जिले की नगर पालिका डोंगर परासिया में मंगलवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्लू) जबलपुर की टीम ने नगर पालिका के अकाउंटेंट शैलेंद्र शर्मा को एक रिटायर्ड कर्मचारी से 5,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी ने पेंशन और ग्रेच्युटी फंड जारी करने के बदले 25,000 की मांग की थी।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता लाल जी पिता सुंदर लाल पिंडपारोची जो परासिया के निवासी हैं, नगर पालिका में सफाई कर्मी के पद पर कार्यरत थे। वे अगस्त 2025 में सेवानिवृत्त हुए थे। रिटायरमेंट के 6 महीने बीत जाने के बाद भी विभाग द्वारा उनकी ग्रेच्युटी और पेंशन जारी नहीं की गई थी।
जब लाल जी ने अकाउंटेंट शैलेंद्र शर्मा से संपर्क किया, तो आरोपित ने उनकी फाइल आगे बढ़ाने और भुगतान कराने के बदले 25,000 की रिश्वत मांगी। गरीब सफाई कर्मी ने मजबूर होकर 20,000 की राशि पहले ही आरोपित को दे दी थी, लेकिन अकाउंटेंट बाकी के 5,000 के लिए उसे लगातार परेशान कर रहा था और भुगतान रोके रखा था।
परेशान होकर पीड़ित ने 13 फरवरी 2026 को ईओडब्लू जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद 17 फरवरी 2026 को ट्रैप दल का गठन किया गया।
जैसे ही पीड़ित लाल जी ने नगर पालिका कार्यालय में शैलेंद्र शर्मा को 5,000 की आखिरी किश्त थमाई, पहले से तैयार ईओडब्लू की टीम ने उसे पकड़ लिया।
आरोपित के हाथ धुलवाए गए, तो गुलाबी रंग आने से रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई। टीम ने आरोपी के पास से पीड़ित की ग्रेच्युटी और पेंशन से जुड़ी फाइलें और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त कर लिए हैं।
नगर पालिका कार्यालय में हुई इस अचानक कार्रवाई से हड़कंप मच गया। कर्मचारी और अधिकारी अपनी कुर्सियां छोड़कर बाहर निकल आए। पीड़ित लाल जी ने बताया कि अपनी ही मेहनत की कमाई (पेंशन) पाने के लिए उन्हें महीनों तक चक्कर काटने पड़े और रिश्वत देने के लिए मजबूर होना पड़ा।
ईओडब्लू अधिकारियों के अनुसार, आरोपी शैलेंद्र शर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।





