भविष्य के दावेदारों के लिए पार्टी कन्वेंशन सही मौका होता है कि वो खुद को नोटिस करा सकें, ऊंचे ऑफिस तक जाने वाले रास्ते पर बढ़ने के लिए और निक्की हेली ने ये बखूबी कर दिखाया है.

ये अक्सर कहा जाता है कि रिपब्लिकन पार्टी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक कल्ट (पंथ) बन गई है और जो भी लोग उनके खिलाफ बगावत करते हैं, उन्हें नुकसान उठाना पड़ता है. लेकिन क्या उनकी संयुक्त राष्ट्र में पूर्व दूत और भारतीय-अमेरिकी निक्की हेली उस पुराने जोश को वापस ला सकती हैं? और क्या पुरानी पार्टी का नया चेहरा बन सकती हैं.
यह भाषण पुराने स्टाइल के रिपब्लिकनवाद और अमेरिका के बदलते स्वरूप को देखते हुए नई जरूरतों का सही मिश्रण था. रिपब्लिकन नेशनल कंवेशन (आरएनसी) की पहली रात को ट्रंप को दोबारा नामांकित करने के लिए हेली स्टार स्पीकर थीं. उन्होंने “ट्रम्पियन” होने के बिना भी खासा पक्षपातपूर्ण भाषण दिया.
जैसे ही हेली ने बोलना खत्म किया, 2024 में उनके राष्ट्रपति उम्मीदवार होने की संभावना को लेकर चर्चा शुरू हो गई. जब उनसे एक मीडिया हाउस की ओर से ये बड़ा सवाल किया गया तो हेली का जवाब था- कुछ कहना बहुत जल्दबाजी होगा.
हेली ने कहा, “डेमोक्रेटिक पार्टी में अधिकतर अब यह कहना फैशनेबल है कि अमेरिका नस्लवादी है, ये झूठ है, अमेरिका नस्लवादी देश नहीं है. यह “कार्य प्रगति में” है.”
ऐसा लुभावना जवाब जो सही वक्त आने तक दिलचस्पी बनाए रखे. भविष्य के दावेदारों के लिए पार्टी कन्वेंशन सही मौका होता है कि वो खुद को नोटिस करा सकें, ऊंचे ऑफिस तक जाने वाले रास्ते पर बढ़ने के लिए. और हेली ने ये बखूबी कर दिखाया है. ऐसा कदम जो ट्रंप के बाद के युग की ओर पार्टी को ले जाए. पार्टी को उस मूल की ओर वापस ले जाए जिसके लिए वो जानी जाती थी. हेली ने रिपब्लिकन नेशनल कंवेंशन को बताया कि उनकी मां ने “साड़ी” पहनी थी और पिता ने “पगड़ी”, परिवार को भेदभाव का सामना करना पड़ा, लेकिन माता-पिता ने कभी शिकायत और नफरत नहीं की.
वो पुरानी शैली के रिपब्लिकन्स जो पार्टी में डिसकोर्स और शालीनता को गुजरी हुई बात मान कर शोकाकुल है और जिनका झुकाव डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बिडेन की ओर है. हेली का भाषण मास्टर क्लास था और एक ही समय में दो नावों की सवारी करने वाला था. लेकिन ऐसा होते हुए भी इसे ट्रंपवादी रिपब्लिकन्स और पुराने शैली के रिपब्लिकन्स, दोनों पक्षों की ओर से गंभीरता से लिया जाएगा.