आष्टा में दो समुदायों के बीच हुआ, विवाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल
पुलिस ने हालत काबू करने के लिए किया लाठीचार्ज

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि। सीहोर जिले के आष्टा में दो समुदायों के बीच विवाद हिंसक हो गया। पथराव और वाहनों में तोड़फोड़ के बाद भोपाल–इंदौर हाईवे जाम कर दिया गया, हालात काबू में लाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज करना पड़ा। करणी सेना का दल हरदा से लौट रहा था, तभी आष्टा में बड़ा विवाद खड़ा हो गया। सीहोर जिले के आष्टा में दो समुदायों के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। विवाद के दौरान पथराव, वाहनों में तोड़फोड़ और भोपाल–इंदौर हाईवे को जाम कर दिया गया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया और लोगों में दहशत फैल गई।जानकारी के अनुसार, हरदा से प्रदर्शन कर लौट रहे करणी सेना का दल जैसे ही आष्टा पहुंचा तो यहां विवाद हो गया। कथित तौर पर यह विवाद पार्किंग को लेकर होना बताया जा रहा है। यह विवाद रविवार रात करीब 9 बजे आष्टा के अलीपुर चौराहे के पास घटित हुआ है। कहासुनी के बाद करणी सेना के कार्यकर्ताओं द्वारा भोपाल-इंदौर हाईवे पर जाम लगाया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर खड़े वाहनों पर पथराव किया और कई गाड़ियों में तोड़फोड़ की। स्थिति बिगड़ते देख मौके पर मौजूद पुलिस को हालात काबू में लाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज भी करना पड़ा।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस ने भीड़ को खदेड़कर हाईवे से हटाने की कोशिश की और यातायात बहाल कराने का प्रयास किया गया। हालांकि, क्षेत्र में अब भी तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पुलिस हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थिति पर नियंत्रण पा लिया हैशांति बनाए रखें और सीधे अपने घर लौट जाएं’।
मामले में करणी सेना परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीवन शेरपुर का बयान सामने आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लाइव होते हुए आष्टा में हुए विवाद को साजिश करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह घटना संगठन और उसके आंदोलन को बदनाम करने का प्रयास है। शेरपुर ने करणी सेना के सभी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे किसी भी विवाद या उपद्रव से दूर रहें, शांति बनाए रखें और सीधे अपने घर लौट जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का किसी भी तरह की हिंसा से कोई संबंध नहीं है।




