300 मिलियन साल पुराना यह जीव ‘ऑक्टोपस’ नहीं,फर्जी निकला; सड़-गल जाने के बाद ऑक्टोपस जैसा दिखने लगा था

करीब 30 करोड़ साल पुराने जिस फॉसिल को अब तक दुनिया का सबसे पुराना ऑक्टोपस माना जा रहा था, वह असल में ऑक्टोपस नहीं था। नई स्टडी में इस मान्यता को गलत साबित किया गया है।
ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के वैज्ञानिकों ने आधुनिक तकनीकों की मदद से इस फॉसिल की दोबारा जांच की। स्टडी के प्रमुख लेखक थॉमस क्लेमेंट्स के मुताबिक, यह फॉसिल ऑक्टोपस का नहीं, बल्कि नॉटिलस से जुड़े एक समुद्री जीव नॉटिलॉइड का है।
यह फॉसिल साउथ अमेरिका के अमेजन क्षेत्र के मेजोन क्रीक इलाके में मिला था। पहले की तकनीकों से इसकी सही पहचान नहीं हो पाई थी, क्योंकि मरने के बाद यह जीव काफी सड़-गल गया था और इसकी बनावट ऑक्टोपस जैसी लगने लगी थी।
नई जांच में एडवांस एक्स-रे तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिससे चट्टान के अंदर छिपी संरचनाएं साफ नजर आईं। इस दौरान वैज्ञानिकों को दांत जैसी एक संरचना मिली, जो ऑक्टोपस में नहीं होती। यही सबसे अहम सबूत बना, जिससे साफ हुआ कि यह जीव ऑक्टोपस नहीं था।





