
लोन की आखिरी EMI भरते ही ज्यादातर लोगों को लगता है कि अब जिम्मेदारी खत्म हो गई। लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं होता। लोन का पूरा भुगतान करने के बाद भी यह देखना जरूरी है कि बैंक या एनबीएफसी ने अकाउंट को सही तरीके से बंद किया है या नहीं और आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में इसकी जानकारी अपडेट हुई है या नहीं। कई बार आखिरी भुगतान के बाद कुछ समय तक क्रेडिट रिपोर्ट में लोन एक्टिव दिखाई दे सकता है। ऐसे में घबराने के बजाय पहले बैंक या लोन देने वाली संस्था से स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए। इसके बाद अपनी क्रेडिट रिपोर्ट भी ध्यान से जांचें।
आखिरी EMI भरने के बाद ये काम जरूर करें
लोन चुकाने के बाद सबसे पहले बैंक या वित्तीय संस्था से यह कन्फर्म करें कि उनके रिकॉर्ड में आपका लोन अकाउंट क्लोज्ड हो चुका है। इसके लिए सिर्फ फोन पर मिली जानकारी पर निर्भर रहने के बजाय जरूरी दस्तावेज अपने पास रखें। इन दस्तावेजों में लोन क्लोजर लेटर, नो-ड्यूज सर्टिफिकेट, आखिरी भुगतान की रसीद और लोन से जुड़े दूसरे जरूरी कागजात शामिल हैं।
Lendingplate के फाउंडर और सीईओ कौशिक चटर्जी के मुताबिक, लोन पूरा चुकाने के बाद क्रेडिट रिपोर्ट में क्लोजर स्टेटस अपडेट होने में कुछ समय लग सकता है। इसलिए पहले बैंक या लोन देने वाली संस्था से लोन बंद होने की पुष्टि करनी चाहिए और सभी दस्तावेज संभालकर रखने चाहिए। अगर रिपोर्ट में अकाउंट फिर भी एक्टिव दिखाई देता है, तो जरूरी दस्तावेजों के साथ क्रेडिट ब्यूरो में शिकायत की जा सकती है।
क्रेडिट रिपोर्ट में इन 4 चीजों को जरूर जांचें
लोन बंद होने के बाद क्रेडिट रिपोर्ट खोलकर सिर्फ अकाउंट स्टेटस देखना काफी नहीं है। कुछ और जानकारी भी ध्यान से जांचनी चाहिए।
अकाउंट स्टेटस- लोन के सामने क्लोज्ड लिखा है या नहीं, यह चेक करें।
आउटस्टेंडिंग बैलेंस- बकाया रकम जीरो दिख रही है या नहीं, यह चेक करें।
क्लोजर डेट- लोन बंद होने की तारीख बैंक के दस्तावेजों से मेल खा रही है या नहीं, यह चेक करें।
पेमेंट हिस्ट्री- कोई गलत बकाया, ओवरड्यू ईएमआई या एक्टिव लोन तो नहीं दिख रहा, यह चेक करें।





