ट्रेंडिंग में है क्रॉस वेंटिलेशन और रूफ गार्डन का बड़ा क्रेज रूम ठंडा रहेगा बिना एसी के

इंदौर में बढ़ती गर्मी से राहत पाने के लिए अब घरों के डिजाइन में भी बदलाव किए जा रहे हैं। तेज धूप और बढ़ते तापमान से बचने के लिए शहर के कई पुराने और बड़े घरों में नए तरीके अपनाए जा रहे हैं। इन बदलावों का उद्देश्य घर को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखना और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है।
आर्किटेक्ट्स की मदद से ऐसे डिजाइन तैयार किए जा रहे हैं, जिनसे घर गर्मियों में ठंडे और सर्दियों में हल्के गर्म रह सकें। खासतौर पर 1500 वर्गफुट से बड़े घरों में यह बदलाव तेजी से देखने को मिल रहा है।
क्रॉस वेंटिलेशन पर बढ़ा फोकस
गर्मी से राहत के लिए सबसे ज्यादा ध्यान घरों के वेंटिलेशन पर दिया जा रहा है। पहले कई घरों में खिड़कियां कम या गलत दिशा में होती थीं, जिससे हवा का प्रवाह सही नहीं हो पाता था। अब नए डिजाइन में क्रॉस वेंटिलेशन पर जोर दिया जा रहा है।
घर के सामने और पीछे दोनों तरफ खिड़कियां बनाई जा रही हैं, ताकि हवा आसानी से अंदर आए और बाहर निकल सके। कई घरों में ऊपर की तरफ छोटे वेंट भी लगाए जा रहे हैं, जिससे गर्म हवा बाहर निकल सके।
छतों पर रूफ गार्डन और खास कोटिंग
आर्किटेक्ट अमित जैन बताते हैं कि अब घरों की छतों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कई जगह रूफ गार्डन बनाए जा रहे हैं, जिससे छत पर सीधी धूप नहीं पड़ती और घर के अंदर का तापमान कम रहता है।
छत पर घास, पौधे और गमले लगाने से घर का तापमान दो से चार डिग्री तक कम हो सकता है। इसके अलावा कई घरों में मिट्टी की टाइलें या खास तरह की कोटिंग भी की जा रही है, जिससे धूप का असर कम होता है।
मोटी दीवारें और प्राकृतिक सामग्री
आर्किटेक्ट पूजा अग्रवाल के अनुसार कई घरों में अब दीवारों को भी नए तरीके से बनाया जा रहा है। मोटी दीवारें घर को ठंडा रखने में मदद करती हैं। इसके लिए ईंट, पत्थर और मिट्टी जैसी प्राकृतिक सामग्री का इस्तेमाल बढ़ा है।
कुछ घरों में दीवारों के बीच एयर गैप भी छोड़ा जा रहा है, जिससे बाहर की गर्मी सीधे अंदर नहीं पहुंचती और घर का तापमान संतुलित बना रहता है।
आंगन और खुले स्थान फिर से लोकप्रिय
पहले के घरों में आंगन आम होते थे, लेकिन समय के साथ यह चलन कम हो गया। अब लोग फिर से घरों में छोटे आंगन बनाने लगे हैं। इससे घर में प्राकृतिक रोशनी और हवा दोनों मिलती हैं और दिन में बिजली की जरूरत भी कम होती है।
आंगन में पौधे लगाने से आसपास का तापमान भी कम रहता है। इसके अलावा खिड़कियों पर शेड और लकड़ी या लोहे की जालियां लगाई जा रही हैं, जिससे धूप कम अंदर आती है और हवा का प्रवाह बना रहता है।
फर्श में भी बदलाव
घर को ठंडा रखने के लिए फर्श के चयन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। आर्किटेक्ट मौसमी वैद्य के अनुसार पत्थर और कोटा स्टोन जैसे फर्श गर्मी में ठंडे रहते हैं। इसी वजह से अब कई लोग टाइल्स की जगह पत्थर के फर्श को प्राथमिकता दे रहे हैं।
कुछ घरों में छोटे वाटर फीचर या फव्वारे भी बनाए जा रहे हैं, जिससे आसपास का तापमान थोड़ा कम हो जाता है और घर का वातावरण ठंडा बना रहता है।





