लंबित स्टाइपेंड संशोधन को लेकर जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल 16 मार्च तक स्थगित:शाम को उप मुख्यमंत्री के साथ बैठक के बाद लिया निर्णय

लंबित स्टाइपेंड संशोधन को लेकर जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल 16 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई है। सोमवार को सुबह 9 बजे से हड़ताल रही जो शाम 5 बजे तक चलती रही। उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और चिकित्सा शिक्षा आयुक्त के साथ संयुक्त बैठक के बाद जेडीए ने निर्णय लिया कि अब हड़ताल को 16 मार्च तक स्थगित कर दिया जाए।
जेडीए ने अपने आधिकारिक बयान में इसकी पुष्टि कर दी है। बयान में बताया गया है कि बैठक में जूनियर डॉक्टरों की सभी लंबित मांगों पर विस्तृत और सार्थक चर्चा की गई है। इससे पहले सोमवार सुबह 9 बजे से हड़ताल रही।
इस कारण गांधी मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग में पीपीटीसीटी काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर, फर्टिलिटी क्लिनिक, एएनसी रूम सुमित अन्य व्यवस्थाएं प्रभावित होती रहीं। सीनियर डॉक्टर के साथ जूनियर डॉक्टर यहां की रिस्पांसिबिलिटी संभालते हैं।
जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर होने के कारण मरीज को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। वह सुबह से अपनी बारी के इंतजार में बैठे रहे। मरीज अनवर ने बताया कि वह सुबह से काफी परेशान हैं। पैरों में दर्द है और अन्य बीमारियों के कारण सुबह से इलाज के लिए भटक रहे हैं। वे आगे बोल पाते तब तक गार्ड ने रोक दिया।
गांधी मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन की एक दिन की हड़ताल से व्यवस्थाएं बुरी तरह से प्रभावित हुईं। जिसका सबसे बड़ा खामियाजा उन मरीजों को उठाना पड़ा जिनका सोमवार को ऑपरेशन होना था। ऐसे 20 से ज्यादा मरीजों की सर्जरी हड़ताल के कारण टल गई। इसकी पुष्टि हमीदिया अस्पताल के आंकड़े कर रहे हैं।
हड़ताल से पहले फुल वर्किंग डे यानी शुक्रवार को कुल 66 सर्जरी हुई थी। जिसमें करीब 30 सिजेरियन डिलीवरी शामिल थी। वहीं, सोमवार को शाम 6 बजे तक सर्जरी का आंकड़ा घट कर सिर्फ 38 रहा है। जिसमें केवल 18 सिजेरियन डिलीवरी शामिल हैं। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि सिजेरियन डिलीवरी 24 घंटे चलती हैं। ऐसे में 3 से 4 सिजेरियन डिलीवरी रात तक बढ़ सकती हैं।




