एक अप्रैल से होगा नया आयकर कानून लागू, टैक्स सिस्टम अधिक सरल, पारदर्शी और आसान बनेगा

केंद्र सरकार ने आयकर अधिनियम 2025 को नोटिफाई कर दिया है, जो एक अप्रैल 2026 से लागू होगा। यह नया कानून पिछले 64 वर्षों से लागू आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे टैक्स सिस्टम अधिक सरल, पारदर्शी और आसान बनेगा तथा अनावश्यक विवादों में कमी आएगी। हालांकि टैक्स स्लैब या दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं जो सैलरीड वर्ग, निवेशकों और व्यवसायियों को सीधे प्रभावित करेंगे।
• चार्टर्ड अकाउंटेंट पंकज शर्मा ने बताया कि सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब ‘फाइनेंशियल ईयर’ और ‘असेसमेंट ईयर’ की जगह केवल एक ही ‘टैक्स ईयर’ होगा, जिससे टैक्स कैलकुलेशन आसान हो जाएगा। इसके साथ ही आइटीआर फाइलिंग की समय सीमाएं भी तय कर दी गई हैं। सैलरीड लोगों के लिए 31 जुलाई, व्यवसाय/प्रोफेशन वालों के लिए 31 अगस्त और आडिट केस में 31 अक्टूबर तक रिटर्न भरा जा सकेगा।
एचआरए (हाउस रेंट अलाउंस) पर छूट के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब आठ बड़े शहरों में रहने वाले कर्मचारियों को सैलरी का 50 प्रतिशत तक छूट मिलेगी, जबकि अन्य शहरों में यह सीमा 40 प्रतिशत रहेगी। साथ ही किराया एक लाख रुपये सालाना से अधिक होने पर मकान मालिक का पैन देना अनिवार्य होगा। बच्चों के एजुकेशन अलाउंस पर छूट बढ़ाकर 3000 रुपये प्रति माह कर दी गई है, वहीं हास्टल अलाउंस पर 9000 रुपये प्रति माह तक की छूट मिलेगी।
इसके अलावा फ्री फूड और बेवरेज पर छूट की सीमा 50 रुपये से बढ़ाकर 200 रुपये प्रति मील कर दी गई है। नए कानून में जटिल प्रावधानों को हटाकर भाषा को सरल बनाया गया है, जिससे आम करदाता के लिए समझना आसान होगा और अनुपालन में सुधार आएगा।





