ईरान में फंसे भारतीयों के लिए नई एडवाइस ; ‘जितनी जल्दी संभव हो,देश छोड़ दें’,

पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते हालात को देखते हुए भारत सरकार ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। ईरान स्थित भारतीय दूतावास ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सभी भारतीय नागरिक जितनी जल्दी संभव हो, देश छोड़ दें।
दूतावास ने अपनी ताजा सलाह में नागरिकों से अपील की है कि वे केवल तय किए गए सुरक्षित और अधिकृत रास्तों का ही इस्तेमाल करें। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि बिना दूतावास की अनुमति और समन्वय के किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर बढ़ने की कोशिश न करें।
हर कदम पर दूतावास से संपर्क जरूरी
एडवाइजरी में कहा गया है कि यात्रा के दौरान भारतीय नागरिक लगातार दूतावास के संपर्क में रहें। किसी भी आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल आईडी भी जारी किए गए हैं, ताकि तुरंत सहायता मिल सके।
पहले दी गई थी ‘जहां हैं, वहीं रहें’ की सलाह
इससे पहले मंगलवार शाम को दूतावास ने भारतीयों को 48 घंटे तक सुरक्षित स्थानों पर ही रहने की सलाह दी थी। उस समय क्षेत्र में हमले तेज होने की आशंका जताई जा रही थी, जिससे स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई थी।
बताया जाता है कि इसी दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि यदि तय समय सीमा के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो गंभीर सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। इसके बाद क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया।
ईरान में कितने भारतीय?
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी को संघर्ष शुरू होने के समय ईरान में लगभग 9,000 भारतीय मौजूद थे। इनमें छात्र, कामगार और पेशेवर शामिल हैं। अब तक करीब 1,800 भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं, जबकि बाकी नागरिकों की सुरक्षित वापसी के प्रयास जारी हैं।
सीजफायर के बावजूद सतर्कता बरकरार
हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के लिए सीजफायर का ऐलान हुआ है, लेकिन सरकार इसे पूरी तरह सुरक्षित स्थिति नहीं मान रही। इसी वजह से एहतियात के तौर पर भारतीयों को देश छोड़ने की सलाह दी गई है।
28 फरवरी को शुरू हुए इस संघर्ष में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। हालात अब भी अनिश्चित हैं, जिससे नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता कायम है।
भारत सरकार की अपील
भारत सरकार ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, अफवाहों से दूर रहें और केवल आधिकारिक स्रोतों से मिली जानकारी पर ही भरोसा करें।





