धार स्थित भोजशाला में 700 साल बाद नमाज नहीं, सिर्फ पूजा:मुस्लिम समाज ने फैसले के विरोध में काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की

मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला में करीब 700 साल बाद परिसर में नमाज नहीं, सिर्फ पूजा हुई। भोज उत्सव समिति ने शुक्रवार को वाग्देवी की प्रतिमा स्थापित कर दर्शन-पूजन कराया। मंदिर में सुबह से बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ी थी। वाग्देवी मंदिर में कारसेवकों के परिजनों का सम्मान भी किया गया।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने 15 मई को भोजशाला को मंदिर घोषित किया था। मुस्लिम समाज ने फैसले के विरोध में काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की। अपनी दुकानें भी बंद रखीं। वहीं सुरक्षा के लिए करीब 2 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मुस्लिम पक्ष
इधर, हाईकोर्ट के फैसले से निराश मुस्लिम पक्ष गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। आदेश को एकतरफा बताते हुए काजी मोइनुद्दीन ने गुरुवार रात करीब 8:30 बजे विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दाखिल की है। मुस्लिम पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट में दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं।
लड़ाई संवैधानिक और कानूनी दायरे में लड़ी जाएगी
अब्दुल समद ने कहा- कमाल मौला मस्जिद में 700 साल से जुमे की नमाज अदा होती रही है। इस परंपरा को प्रभावित किए जाने से समाज में दुख है, लेकिन लड़ाई पूरी तरह संवैधानिक और कानूनी दायरे में ही लड़ी जाएगी। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है।
शहर काजी वकार सादिक ने कहा- जब सुप्रीम कोर्ट से राहत और स्टे मिलेगा, तब मुस्लिम समाज सम्मान के साथ पहले की तरह नमाज अदा करेगा। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि सभी समुदाय शांति और सौहार्द बनाए रखें। शहर हमारा अपना है, इसलिए अमन और भाईचारे को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
• दोपहर एक बजे पूजन-हवन के लिए भोजशाला परिसर के बाहर ज्योति मंदिर पर हिंदू संगठन के सदस्य इकट्ठा होने लगे। अधिकारियों ने इन्हें हटाने की कोशिश की तो हल्की बहस हो हुई। प्रशासन ने श्रद्धालुओं को ज्योति मंदिर से करीब 50 कदम दूर जाने के लिए कहा। इसके बाद लोग निर्धारित जगह पर इकट्ठा हुए।
• भोजशाला आंदोलन में जान गंवाने वाले कार सेवकों के परिजन का सम्मान किया गया। अमृता सावन ने कहा- मैं पहली बार शुक्रवार को यहां आई हूं। खुशी है कि अब पूरे साल यहां मां सरस्वती की पूजा कर सकेंगे।
• भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने कहा- हम शोभायात्रा भी निकालने वाले थे, जिसे किसी वजह से रद्द कर दिया गया है। वहीं, शहर काजी वकार सादिक ने कहा कि मुस्लिम समाज न्यायपालिका का सम्मान करता है और अब सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद है। इससे पहले मुस्लिम पक्ष ने भी भोजशाला में नमाज अदा करने की घोषणा की थी, जिसे गुरुवार देर शाम टाल दिया गया।
• धार में करीब दो हजार अधिकारी और जवान तैनात हैं। पुलिस की एक खास टीम सोशल मीडिया पर भी निगरानी रख रही है। कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने नागरिकों से शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। गुरुवार को कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के नेतृत्व में पैदल फ्लैग मार्च भी निकाला गया था।
• एडिशनल एसपी विजय डावर ने कहा- 8 विशेष सुरक्षा कंपनियां भी लगाई गई हैं। इनमें रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), पैरामिलिट्री फोर्स, एसडीएफ, स्पेशल टास्क फोर्स (STF), घुड़सवार पुलिस शामिल हैं। जिला प्रशासन द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि शहर में शांति और कानून व्यवस्था बनी रहे।





