TMC विधायक मदन मित्रा की कार पर हमला; कटमनी वापस मांग कर रहे लोगों ने अंडे फेंके

कोलकाता के कमरहाटी में शनिवार रात TMC विधायक मदन मित्रा की कार पर लोगों ने हमला कर दिया। अरियादाहा इलाके में यह घटना उस समय हुई, जब विधायक दौरा करने गए थे।
स्थानीय रहवासियों ने चोर-चोर के नारे लगाते हुए विधायक की कार पर अंडे फेंके। ये लोग कटमनी के रूप में दिए गए पैसे वापस करने की मांग कर रहे थे। घटना का एक वीडियो वायरल है।
इधर, हालांकि टीएमसी नेता ने बाद में दावा किया कि हमले के वक्त वे गाड़ी में नहीं थे। मदन मित्रा ने आरोप लगाया कि उनके ड्राइवर पर हमला किया गया।
पार्षद के घर पर थी ऑटो रिक्शा ड्राइवर्स की मीटिंग
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कमारहाटी के वार्ड नंबर 14 के एक पार्षद के घर के बाहर एक मीटिंग चल रही थी। जहां ऑटो-रिक्शा और ई-रिक्शा चलाने वाले कई लोग इकट्ठा हुए थे। इन लोगों की मांग थी कि सालों से कटमनी के रूप में दिया गया पैसा वापस किया जाए।
प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय नेताओं पर अवैध वसूली का आरोप लगाया और उनके खिलाफ नारेबाजी की। विरोध बढ़ता देख मदन मित्रा यह मीटिंग छोड़कर चले गए।
BJP बोली- बंगाल के लोग गुस्से में हैं, वही सामने आ रहा
मदन मित्रा पर हुए हमले को लेकर बीजेपी सांसद राजू बिस्ता कहते हैं, ‘बीजेपी सरकार हिंसा में विश्वास नहीं करती। वास्तव में लोगों ने टीएमसी को सिर्फ इसलिए हराया, क्योंकि उन्होंने ऐसी हिंसा का विरोध किया था। 15 साल तक TMC ने लोगों को अपमानित किया। उनका पैसा लूटा और घुसपैठियों को फायदा पहुंचाने के अलावा कुछ नहीं किया।
स्वाभाविक रूप से, पश्चिम बंगाल के लोग गुस्से में हैं। मेरा मानना है कि हिंसा का रास्ता उचित नहीं है। अगर जनता पुलिस स्टेशनों पर शिकायत दर्ज कराती है तो पुलिस-प्रशासन निश्चित रूप से कार्रवाई करेगा।’
TMC को तीनों लेवल पर हो रहा नुकसान
चुनाव नतीजे आने के बाद TMC लगातार नुकसान में है। उसे लोकल बॉडी, विधायक और सांसद लेवल तक पर सदस्यों की बगावत का सामना करना पड़ा है। पार्टी से निकाले गए ऋतब्रत बनर्जी समेत 58 विधायकों ने अपना अलग गुट बना लिया है। उन्होंने दो तिहाई विधायकों के समर्थन का दावा किया।
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि TMC के 20 सांसद पार्टी छोड़ने की तैयारी में हैं। इसके अलावा पार्टी के बड़े नेताओं में अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के सचिव अजमल सिद्दीकी इस्तीफा दे चुके हैं।
डायमंड हार्बर के 9 TMC पार्षदों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दिया, जिसके बाद नगरपालिका भंग हो गई।





