बैंक खाता ‘लीन’ होते ही उड़े व्यापारी के होश
पुलिस के लिए चुनौती बना शातिर ठगों का नेटवर्क

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि, ग्वालियर। शहर में साइबर ठगी की रकम से सराफा कारोबारी कुणाल पुत्र त्रिलोकचंद्र जैन को ठगने का बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शातिर ठग ने किसी और से ठगी गई रकम का इस्तेमाल कर मुरार के सराफा कारोबारी से सोने के सिक्के खरीद लिए। व्यापारी के बैंक खाते में 3.31 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिये भेजे। लेकिन व्यापारी जिसे सामान्य खरीदार समझ रहा था, वह शातिर ठग निकला। मेरी मुरार के सदर बाजार में भीकाराम त्रिलोकचंद्र सर्राफ के नाम से सोना-चांदी के गहनों की दुकान है। 25 मई को करीब दोपहर के तीन बजे दुकान पर एक व्यक्ति आया। उसने अपना नाम जय वर्मा बताया। उसने उपहार में देने के लिए सोने के सिक्के दिखाने के लिए कहा। 20 ग्राम सोने के सिक्के उसने खरीदे। जिनका मूल्य करीब 3.31 लाख रुपये है। उसने भुगतान आरटीजीएस के जरिये करने के लिए कहा।
मैंने अपने बैंक आफ इंडिया के खाता क्रमांक 94522011000341 में भुगतान ले लिया। दो दिन बाद बैंक से मेरे पास मैसेज आया कि मेरा खाता लीन कर दिया गया है। मैं बैंक की शाखा पहुंचा। यहां पता लगा कि जो 3.31 लाख रुपये मेरे खाते में आए हैं, वह तो ठगी की रकम है। साइबर ठगी का पैसा था, जिससे खरीदारी हुई। मैने तुरंत इसकी शिकायत मुरार थाना पहुंचकर की। अब इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई है। आवेदन तब से पेंडिंग था।





