
राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि, इंदौर। इस वर्ष अल नीनो का प्रभाव केवल मानसून और बारिश तक सीमित नहीं रहने वाला है, बल्कि इसका असर लोगों की सेहत पर भी पड़ने की आशंका है। मौसम में बदलाव के चलते डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, वायरल फीवर और जलजनित बीमारियों के बढ़ने का खतरा देखते हुए प्रदेशभर में अलर्ट जारी किया गया है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) ने प्रदेश के सभी जिलों को पत्र भेजकर स्वास्थ्य विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि बदलती जलवायु परिस्थितियां और असामान्य मौसम सामान्य वर्षों की तुलना में स्वास्थ्य संकट बढ़ा सकते हैं।
भोपाल से निर्देश मिलने के बाद इंदौर स्वास्थ्य विभाग ने भी बीमारियों की रोकथाम और इलाज को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। अस्पतालों में दवाओं का पर्याप्त स्टॉक, जांच किट की उपलब्धता, अतिरिक्त बेड की व्यवस्था और बीमारी की निगरानी के लिए विशेष सिस्टम तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में अप्रैल महीने में इंदौर में डेंगू का एक भी मरीज नहीं मिला था, जबकि वर्ष 2026 में अप्रैल तक ही 14 मरीज सामने आ चुके हैं। इससे बीमारी के बढ़ते खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है।





