hi Hindi en English pa Punjabi ur Urdu
State City Dropdown
मनोरंजन

67 साल पहले आई फिल्म से मिलती है ‘ओम शांति ओम’ की कहानी

दोनों फिल्मों में पुनर्जन्म की दिखी कहानी

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि | हिंदी सिनेमा में कई ऐसी फिल्में बनी हैं, जो वक्त से बेहद आगे की रहीं। भले ही ‘पीक डिटेलिंग’ नाम का शब्द का आजकल चर्चा में हो, लेकिन असल में ‘पीक डिटेलिंग’ सिनेमा में सालों से होती आ रही है या यूं कहें कि 50 और 60 के दशक की फिल्मों में भी वही हुआ करता था। आज बात एक ऐसी फिल्म की जिसकी पीक डिटेलिंग फराह खान की ब्लॉबस्टर फिल्म में भी नजर आई। दोनों फिल्मों के सीन्स और कहानी लगभग एक जैसे थे। अब ये इत्तेफाक था या फिर सच, ये तो वहीं जानें इस कमर्शियल फिल्म के क्लाईमैक्स को देखकर लोगों के मुंह खुले के खुले रह गए और इस फिल्म ने जमकर वाहवाही लूटी। फिल्म में विलेन बने प्राण ने भी अपनी दमदार अदाकारी दिखाई थी। पुर्नजन्म पर आधारित इस फिल्म को आज भी कल्ट माना जाता है और इसी फिल्म की समानताएं एक दूसरी फिल्म से मिलती हैं। इस फिल्म को फराह खान ने बनाया था। फिल्म में शाह रुख के साथ दीपिका पादुकोण नजर आईं। दीपिका की यह डेब्यू फिल्म थी, ऐसे में एक नए चेहरे ने दर्शकों का दिल जीत लिया। शांतिप्रिया बनीं दीपिका को देखकर लोगों को मधुमती की याद आई।

फिल्म का क्लाईमैक्स मधुमती से हुबहू मिलता है। फराह खान की इसी पीक डिटेलिंग की चर्चा सालों बाद होती है। यहां तक कि फिल्म के कुछ सीन फराह ने ऐसे डायरेक्टर किए, जिसमें पहले ही हिंट मिल गई कि ऐसा क्यों किया गया।

इन दोनों फिल्मों की इन्हीं समानताओं को देख लोग आज भी इनमें समानताएं ढूंढते हैं। दोनों फिल्मों की शुरुआत एक हादसे से होती है, जिसमें प्रेमी-प्रेमिका बिछड़ जाते हैं और फिर दोनों ही फिल्मों में हीरो की मौत हो जाती है और फिर पुनर्जन्म होता है और फिर विलेन को सजा दिलाई जाती है। यही वजह है कि इन दोनों ही फिल्मों को कल्ट फिल्मों के रूप में याद किया जाता है।

 

 

 

 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

twelve + 6 =

Back to top button