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चांदी का ऐतिहासिक रिकॉर्ड :1 महीने में ₹2 लाख से ₹3 लाख हुई कीमत

चांदी के दाम आज 19 जनवरी को MCX पर 3 लाख रुपए प्रति किलो पहुंच गए हैं। इसमें 14 हजार रुपए से ज्यादा की तेजी आई है। शुक्रवार को चांदी 2.87 लाख के करीब थी।

MCX पर 15 दिसंबर 2025 के आसपास चांदी पहली बार 2 लाख रुपए पर पहुंची थी। यानी चांदी को 2 लाख से 3 लाख रुपए तक पहुंचने में सिर्फ 1 महीने का समय लगा। वहीं इसे 1 से 2 लाख तक पहुंचने में 9 महीने, जबकि 50 हजार से 1 लाख तक पहुंचने में 14 साल लगे थे।

हालांकि, सर्राफा बाजार में चांदी आज करीब 12 हजार रुपए बढ़कर 2.94 लाख रुपए किलो पर है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल है कि चांदी के दाम इतने क्यों बढ़ रहे हैं? क्या ये चांदी खरीदने का सही समय है? चांदी में निवेश के सेफ तरीके कौन-कौन से हैं?

सवालों के जवाब जानेंगे…

सवाल 1: चांदी के दाम में तेजी की क्या वजहें हैं?

इंडस्ट्रियल डिमांड: चांदी सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और 5G टेक्नोलॉजी में चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। पूरी दुनिया में ‘ग्रीन एनर्जी’ पर फोकस बढ़ने से इसकी खपत रिकॉर्ड स्तर पर है।

सप्लाई में कमी: चांदी की डिमांड जिस तेजी से बढ़ रही है, उस मुकाबले खदानों से इसका उत्पादन नहीं बढ़ पा रहा है। कुछ देशों में पर्यावरण नियम से प्लान्ड माइनिंग कम हो गई है।

इसके अलावा लगभग 70% चांदी, कॉपर और जिंक जैसी दूसरी धातुओं की खुदाई के दौरान बाय प्रोडक्ट के रूप में निकलती है। जब तक तांबे की खुदाई नहीं बढ़ती, चांदी की सप्लाई नहीं बढ़ सकती। इस डिमांड और सप्लाई के भारी अंतर के कारण चांदी की कमी बनी हुई है।

सुरक्षित निवेश: दुनियाभर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई के कारण कई निवेशक शेयर बाजार के बजाय सोने-चांदी में पैसा लगा रहे हैं।

वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतें डॉलर में तय होती हैं, इसलिए जब डॉलर इंडेक्स कमजोर होता है, तो चांदी की कीमतों में उछाल आता है। वर्तमान में डॉलर इंडेक्स (DXY) 109 के उच्च स्तर से गिरकर 98 के करीब आ गया है।

 

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