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दूध में मिला दूषित पानी बना जहर, इंदौर में दूषित पानी से बढ़ा मौत का आंकड़ा,छह माह के बच्चे की मौत

देश के स्वच्छतम शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी का सेवन करने से पांच और मौतें बुधवार को हुईं। मृतकों का आंकड़ा बढ़कर अब 13 हो गया है। क्षेत्र में अब भी 1100 से ज्यादा लोग बीमार हैं, जिनमें 120 से अधिक मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती होकर उपचार करा रहे हैं। इनमें कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।

नगर निगम के दो अधिकारी निलंबित, एक बर्खास्त

मामले की गंभीरता को देखते हुए बुधवार को दो जनहित याचिकाएं मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ में दायर की गईं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने शासन को पीड़ितों का निश्शुल्क उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए स्टेटस रिपोर्ट तलब कर ली है। इस मामले में नगर निगम के दो अधिकारियों को निलंबित करने के अलावा एक अधिकारी को बर्खास्त कर दिया गया है।

बुधवार को चार और लोगों की मौत

बता दें कि शहर के भागीरथपुरा में लोग कई दिनों से दूषित पानी की शिकायत कर रहे थे, लेकिन जिम्मेदारों ने समय रहते ध्यान नहीं दिया। 26 दिसंबर से मौतों का सिलसिला शुरू हो गया था। सोमवार को 100 से अधिक लोग बीमार पड़े, जिसके बाद मंगलवार तक मृतकों की संख्या आठ हो गई थी। बुधवार को चार और मौतों के साथ आंकड़ा 13 हो गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर पहुंचे

यह तथ्य भी सामने आया है कि पानी की फूटी सप्लाई लाइन में सीवर मिलने से यह स्थिति पैदा हुई। इधर, बुधवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इंदौर पहुंचे और विभिन्न अस्पतालों में भर्ती पीड़ितों व उनके स्वजन से मुलाकात की।

दोषी चाहे जो भी हो, बख्शे नहीं जाएंगे

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस वक्त पूरा ध्यान पीड़ितों के उपचार पर है। मुख्यमंत्री ने जांच समिति गठित की है। इसकी रिपोर्ट आने दीजिए इसके बाद आगे कार्रवाई करेंगे। दोषी चाहे जो भी हो, बख्शे नहीं जाएंगे। हमने पूरे प्रदेश में निर्देश दिए हैं कि जहां से भी गंदे पानी की सूचना मिले, वहां तुरंत सुधार का काम करें।

दूध में मिला दूषित पानी भी बना जहर, बच्चे की मौत

बुधवार को मृतकों में छह माह का अव्यान साहू भी शामिल है। दूध में दूषित पानी मिलाने से वह जहर बन गया। इसी दूध का सेवन करने से अव्यान की हालत बिगड़ी।

वहीं इस मामले को लेकर राजनीति भी गर्मा गई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच, दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई, पीड़ितों को समुचित इलाज और मुआवजे की मांग की।

उन्होंने कहा कि जनता की सेहत से समझौता स्वीकार्य नहीं है और सरकार को घोषणाओं से आगे बढ़कर जमीनी कार्रवाई करनी होगी।

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