हिंदू नववर्ष 13 माह का होगा, इस वर्ष ग्रहों के राजा गुरु बृहस्पति होंगे, ज्योतिष के अनुसार दिखेंगे कई बड़े बदलाव

हिंदू नव वर्ष की शुरुआत चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च से प्रारंभ होगी। इसी दिन से नए विक्रम संवत का आरंभ भी माना जाता है। भारत के अलग-अलग राज्यों में इसे गुड़ी पड़वा, उगादी, चेटी चंद जैसे नामों से भी मनाया जाता है। इस वर्ष ग्रहों के राजा गुरु बृहस्पति होंगे।
ज्योतिष के अनुसार, वर्ष 2026 में शुरू होने वाले नए संवत्सर को रौद्र संवत्सर कहा जा रहा है। इस वर्ष के राजा बृहस्पति और मंत्री मंगल होंगे। सनातन नववर्ष 13 माह का होगा।
ज्योतिषाचार्य सुनील चौपड़ा ने बताया कि वैदिक ज्योतिष में हर साल का प्रभाव इन ग्रहों की स्थिति के आधार पर देखा जाता है। बृहस्पति को ज्ञान, धर्म और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, जबकि मंगल साहस और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में इस साल धर्म, पराक्रम और सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव अधिक देखने को मिल सकता है।





