हो सकते हैं इस खतरनाक बीमारी के शिकार….सीने में जलन और खट्टी डकारों से हैं परेशान?

वर्तमान समय में पेट में गैस और अपच की समस्या एक आम बात हो गई है, जिसे अक्सर लोग हल्के में लेकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, यह सामान्य सी दिखने वाली समस्या पेट की किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकती है।
एक्सपर्ट ने चेतावनी दी है कि यदि एसिडिटी आपके रोजमर्रा के कार्यों को प्रभावित करने लगे, तो समय रहते डॉक्टरी सलाह लेना अनिवार्य है।
जीवनशैली और खान-पान है मुख्य कारण
आजकल बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसके मुख्य कारणों में भागदौड़ भरी जिंदगी, समय पर भोजन न करना, अत्यधिक तनाव, बाहर का तला-भुना जंक फूड और नींद की कमी शामिल है।
इन आदतों की वजह से सीने में जलन, पेट में भारीपन और बेचैनी जैसे लक्षण उत्पन्न होते हैं। अक्सर लोग बिना डॉक्टरी परामर्श के एंटासिड गोलियां खा लेते हैं, जो केवल तात्कालिक राहत देती हैं लेकिन मूल बीमारी को और गंभीर बना सकती हैं।
गंभीर रोगों की चेतावनी
डॉक्टरों का मानना है कि कभी-कभी एसिडिटी होना सामान्य हो सकता है, लेकिन इसका बार-बार होना अंदरूनी पाचन तंत्र में खराबी का इशारा है। लगातार बनी रहने वाली एसिडिटी के पीछे कई बीमारियां हो सकती हैं-
गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज (GERD)
पेट की अंदरूनी सूजन (Gastritis)
पेट के छाले (Peptic Ulcers)
एच. पाइलोरी बैक्टीरिया का संक्रमण
लिवर या पैंक्रियाज से जुड़ी समस्याएं
इन लक्षणों को पहचानना है जरूरी
विशेषज्ञों ने कुछ ऐसे ‘रेड फ्लैग’ लक्षणों की पहचान की है, जिनके दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए-
खाने के बाद या खाली पेट लगातार पेट में दर्द या जलन।
खट्टी डकारें जो गले तक पहुंचें और सीने में जलन पैदा करें।
बिना किसी स्पष्ट कारण के वजन का कम होना या भूख न लगना।
बार-बार जी मिचलाना या उल्टी आना।
काले रंग का मल आना या मल में खून दिखना (यह अंदरूनी ब्लीडिंग का संकेत हो सकता है)।
ध्यान रखें
दूसरों को देखकर हर्बल इलाज या घरेलू नुस्खे जैसे अदरक, लौंग या जीरे का पानी हर किसी के लिए सही नहीं होता। ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।





