इंतजार हुआ खत्म,अब देश में दौड़ेगी पहली हाइड्रोजन ट्रेन
2500 यात्री एक साथ कर सकेंगे सफर

भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन अपनी पहली कमर्शियल यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार है। यह अत्याधुनिक ट्रेन हरियाणा के जींद पहुंच चुकी है, जहां लखनऊ की RDSO (अनुसंधान डिजाइन और मानक संगठन) की टीमें इसके तकनीकी पहलुओं और सेफ्टी सिस्टम की बारीकी से जांच कर रही हैं।
रेलवे अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन 20 जनवरी 2026 के बाद कभी भी जींद-सोनीपत रूट पर अपनी नियमित सेवा शुरू कर सकती है। वर्तमान में हाइड्रोजन प्लांट और ट्रेन के बीच तालमेल की टेस्टिंग चल रही है। जैसे ही आरडीएसओ की टीम हरी झंडी देगी, यात्रियों के लिए यह सेवा शुरू कर दी जाएगी।
कैसे काम करती है यह तकनीक?
यह ट्रेन पूरी तरह से ‘ग्रीन एनर्जी’ पर आधारित है। इसमें इंजन की जगह हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस प्रक्रिया में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रतिक्रिया से बिजली पैदा होती है, जो ट्रेन की मोटरों को चलाती है और बैटरियों को चार्ज करती है। सबसे खास बात यह है कि इस इंजन से धुएं की जगह सिर्फ पानी और भाप निकलती है, जिससे कार्बन उत्सर्जन शून्य हो जाता है।





