
राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि | राजस्थान के जालोर जिले से एक ऐसा आपराधिक मामला सामने आया है जिसने मानवीय रिश्तों और सामाजिक ताने-बाने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आहोर थाना क्षेत्र के मंडला इलाके में 24 जून को मिले एक अज्ञात युवक के शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। इस ब्लाइंड मर्डर का जो सच सामने आया है, वो कई मायनों में हालिया और सबसे ज़्यादा चर्चित पुणे के केतन मर्डर केस से मिलता-जुलता दिखाई पड़ रहा है। वहीं जालोर की घटना में भी ‘त्रिकोणीय’ पहलू होने से हर कोई इसे पुणे के केतन हत्याकांड से जोड़कर देख रहा है। हालांकि क्राइम इन्वेस्टिगेशन के दृष्टिकोण से दोनों मामलों में केवल एक बुनियादी अंतर है, वो ये कि पुणे का मामला शादी से पहले के प्रेम त्रिकोण का था, जबकि जालोर का यह दुखद वाकया शादी के बाद हुए गृह क्लेश और अवैध संबंधों का परिणाम है।
जालोर की इस खौफनाक वारदात की शुरुआत 24 जून को हुई, जब जालोर के मंडला क्षेत्र के एक सुनसान इलाके में स्थानीय ग्रामीणों को एक अज्ञात युवक का शव पड़ा हुआ मिला। शव मिलने की सूचना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सबसे पहले मृतक की शिनाख्त पाली जिले के रानीगांव निवासी राजेंद्र कुमार मीणा के रूप में की। राजेंद्र की पहचान होने के बाद उनकी बुजुर्ग मां ने अपनी पुत्रवधू ममता और उसके कथित सहयोगियों के खिलाफ हत्या का नामजद मुकदमा दर्ज कराया। मामला दर्ज होते ही पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। पुलिस ने इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि मृतक की पत्नी ने ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की पूरी साजिश रची थी। बता दें कि प्रेमी ने अपने एक रिश्तेदार की मदद से युवक को मजदूरी दिलाने का झांसा दिया और सुनसान इलाके में ले जाकर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। इसके बाद शव को वहीं फेंक कर फरार हो गए। जालोर पुलिस ने इस मर्डर केस को सुलझाने के लिए पूरी तरह से आधुनिक और वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा लिया। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के लिए एफएसएल की टीम को मौके पर बुलाया गया था।





