जड़ी-बूटियों से बना नाइट सीरम एक बेहतर विकल्प; चेहरे की झुर्रियां होंगी कम; बढ़ेगा निखार

खूबसूरत और ग्लोइंग स्किन हर किसी की चाहत होती है। बाजार में मिलने वाले केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स के बजाय अगर आप आयुर्वेदिक और नेचुरल उपाय अपनाना चाहते हैं, तो जड़ी-बूटियों से बना नाइट सीरम एक बेहतर विकल्प हो सकता है।आयुर्वेद में त्वचा को पोषण देने और नेचुरल निखार बढ़ाने के लिए कई औषधीय जड़ों का उल्लेख मिलता है। नियमित इस्तेमाल से यह सीरम त्वचा को अंदर से पोषण देने में मदद कर सकता है।
इन चीजों की होगी जरूरत
इस आयुर्वेदिक नाइट सीरम को तैयार करने के लिए आपको कुछ आसानी से मिलने वाली जड़ी-बूटियों और नेचुरल सामग्री की जरूरत होगी-
मुलेठी की जड़ – 2-3 टुकड़े
अनंतमूल – 3 टुकड़े
शतावरी – 2-3 टुकड़े
अश्वगंधा – 3 टुकड़े
मंजिष्ठा – 3-4 टुकड़े
नागरमोथा – 2 टुकड़े
विटामिन E कैप्सूल – 2
एलोवेरा जेल – 1 चम्मच
गुलाब जल – 5-8 बूंदें
सीरम बनाने की विधि
इस सीरम को बनाने के लिए सबसे पहले सभी जड़ी-बूटियों की जड़ों को 1½ कप पानी में रातभर भिगोकर रखें। अगली सुबह इस पानी को जड़ी-बूटियों सहित अच्छी तरह उबाल लें। जब पानी आधा रह जाए और घोल थोड़ा ठंडा हो जाए, तो इसे छान लें।
अब इसमें विटामिन E कैप्सूल को काटकर उसका तेल, एलोवेरा जेल और गुलाब जल डालें। सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स कर लें। आपका आयुर्वेदिक नाइट सीरम तैयार है
कैसे करें इस्तेमाल?
रात में सोने से पहले चेहरे को अच्छी तरह साफ करें। इसके बाद हल्के हाथों से इस सीरम को चेहरे और गर्दन पर लगाएं। इसे रातभर लगा रहने दें और सुबह सामान्य पानी से चेहरा धो लें।
क्या हैं फायदे
आयुर्वेद के अनुसार, मुलेठी और मंजिष्ठा त्वचा की रंगत निखारने में सहायक मानी जाती हैं, जबकि अश्वगंधा और शतावरी त्वचा को पोषण देने में मदद करती हैं। नियमित उपयोग से त्वचा में नेचुरल ग्लो और सॉफ्टनेस महसूस हो सकती है।





