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मध्यप्रदेश

MP में ओलावृष्टि के बाद कीट प्रकोप से फसलों को नुक़सान,मुआवजे की मांग को लेकर चक्काजाम

प्रदेश के मालवा–निमाड़ अंचल में बादल, वर्षा और ओलावृष्टि के बाद फसलों में कीट व रोगों के प्रकोप ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। नीमच, मंदसौर, शाजापुर और खंडवा जिलों में सर्वाधिक नुकसान देखने को मिल रहा है।

सोमवार को नीमच स्थित महू-नसीराबाद हाईवे पर भंवरासा फंटे के पास किसानों ने चक्काजाम लगाकर प्रभावित फसलों का सर्वे कराने और मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

आगर जिले में सोमवार को वर्षा और झाबुआ जिले में ओले गिरने से भी नुकसान हुआ है। शाजापुर जिले में बीतों दिनों हुई ओलावृष्टि से गेहूं, प्याज, चियासीड की करीब 50 फीसद फसलें खराब हो गईं। लगातार बादल छाये रहने के उनमें कीट और रोग तेजी से पनप रहे हैं।

सरसों की फसल की बढ़वार प्रभावित हुई है। गेहूं, चना साथ उद्यानिकी फसलों पर भी असर पड़ा है। वहीं नीमच जिले में अफीम फसल की बढ़वार प्रभावित हो रही है।

लहसुन में थ्रिप्स रोग और धनिया में सफेद व काली मस्सी का प्रकोप है। देवास में उमस बढ़ने से चना की फसल में इल्ली का खतरा बताया गया। कृषि वैज्ञानिक डॉ. जीआर अंबावतियां ने समय-समय पर संतुलित और सही मात्रा में दवा छिड़काव की सलाह दी है।

नीमच, मनासा और जावद के दो दर्जन से अधिक गांवों में जोरदार वर्षा व ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ। मंदसौर की मल्हारगढ़ तहसील के 22 गांवों में ओलावृष्टि के बाद प्रशासनिक अमला सर्वे में जुट गया है। राजनीतिक दलों ने सर्वे के बाद मुआवजे की मांग की है।

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