MP प्रमोशन में आरक्षण केस में बड़ा अपडेट
हाई कोर्ट में अजाक्स ने रखा पक्ष,मामले में अगली सुनवाई 13 जनवरी को

हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष मंगलवार को मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण देने के लिए बनाए नियम को चुनौती देने वाले मामले की सुनवाई हुई। अजाक्स की ओर से सुप्रीम कोर्ट के कई न्यायदृष्टांतों का हवाला देते हुए करीब डेढ़ घंटे तक दलीलें रखी गईं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 13 जनवरी को निर्धारित की है।
अजाक्स की ओर से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता डा. केएस चौहान व रामेश्वर सिंह ठाकुर ने प्रमोशन नियम-2025 के उप नियम 11 (1,2,3) सहित अन्य नियम को पूर्णतः असंवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि इन नियमों में आरक्षित वर्ग की ग्रेडेशन लिस्ट बनाने का प्रविधान है। आरक्षित वर्ग के कर्मचारी जो मेरिट के आधार पर पदोन्नत हुए हैं उनको भी आरक्षित वर्ग में गणना करने का प्रविधान किया गया है। इसमें एससी एसटी वर्ग के लिए मेरिट पर प्रमोशन से संबंधित कोई भी प्रविधान मौजूद नहीं है।





