मुंबई में पेड़ गिरने से बच्चे की मौत, मंत्री संजय शिरसाट ने कहा- पेड़ गिरना, बिजली गिरना किसी के हाथ में नहीं होता

मुंबई में मंगलवार को स्कूल बस पर पेड़ गिरने से छात्र की मौत पर राज्य के सामाजिक न्याय । यह पहले से पता नहीं चलता कि कौन सा पेड़ गिरने वाला है।
पेड़ों के ऑडिट के सवाल पर मंत्री ने बुधवार को कहा कि ऑडिट नियमित रूप से किया जाता है। सरकार विधानसभा में हादसे पर बयान देगी। नगर निगम को भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया है।
दरअसल मंगलवार दोपहर चेंबूर इलाके में सड़क किनारे लगा करीब 70 साल पुराना पेड़ स्कूल बस पर गिर गया। बस मेक फोर्स कंपनी की थी और उसमें यूनिवर्सल हाई स्कूल के छात्र सवार थे।
हादसे में 11 साल के विहान श्रीवास्तव की मौत हो गई। इसके अलावा पांच छात्र घायल हुए, जिनमें चार को मामूली चोटें आईं, जबकि एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया।
विपक्ष ने मंत्री के बयान को असंवेदनशील बताया
मंत्री के बयान को विपक्ष ने असंवेदनशील बताते हुए सरकार और मुंबई महानगरपालिका (BMC) की मानसून तैयारियों और पेड़ों के ऑडिट पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस नेता नाना पटोले- उन्हें विधानसभा में इस मुद्दे पर सरकार से संतोषजनक जवाब नहीं मिला। सरकार मानसून तैयारियों में विफल रही है और इस मामले में हाईकोर्ट को स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।
NCP (शरद गुट) नेता क्लाइड क्रास्टो- मंत्री के बयान को “शर्मनाक और बेशर्म” बताया। उन्होंने कहा कि एक बच्चे की मौत को प्राकृतिक घटना बताना बेहद असंवेदनशील है। हर मानसून से पहले पेड़ों का ऑडिट होना चाहिए, लेकिन इस मामले में ऑडिट और रखरखाव सही तरीके से नहीं किया गया।





