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NEET री-एग्जाम, एक मिनट देर से पहुंचे छात्रों को नो-एंट्री:हिजाब पर विवाद, लड़कियों ने रेलिंग कूदकर अंदर जाने की कोशिश की, कपड़ों से चेन-बटन निकाले

देश भर में NEET-UG 2026 का री-एग्जाम दोपहर 2 बजे से शुरू हो गया है। देशभर के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में बने 5,440 केंद्रों पर 22.79 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा दे रहे हैं। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चलेगी।

छात्रों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक एग्जाम सेंटरों में एंट्री दी गई। एडमिट कार्ड और पहचान पत्र की जांच के बाद स्टूडेंट्स की तलाशी ली गई।

हालांकि देर से पहुंचने पर मुंबई में 2 और बेंगलुरु में 4 स्टूडेंट्स को एग्जाम सेंटर में एंट्री नहीं दी गई। बेंगलुरु में लड़कियों ने रेलिंग कूदकर अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन एग्जाम रूम का गेट बंद हो चुका था।

राजस्थान के अजमेर में एक सेंटर पर हिजाब पहन कर आई एक छात्रा को एंट्री नहीं दी गई। काफी बहसबाजी के बाद उसे अंदर भेजा गया।

उदयपुर में एक कैंडिडेट की नोज पिन नहीं निकली तो नाक पर टेप चिपकाया गया। मध्य प्रदेश के भोपाल में छात्रों के हाथ से कलावा काटकर हटाए गए। यूपी में लड़कियों के कान से इयररिंग्स उतरवाए गए।

इधर, हैदराबाद में 19 साल की एक NEET छात्रा ने आत्महत्या कर ली। रविवार सुबह उसके अपार्टमेंट में फंदे से लटका शव मिला। पुलिस को आशंका है कि उसने री-एग्जाम के दबाव में यह कदम उठाया। मौके से मिले सुसाइड नोट में छात्रा ने अपनी मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया।

2 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात, एयरफोर्स ने पेपर पहुंचाए

इस साल 3 मई को NEET-UG की परीक्षा हुई थी। लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को NTA ने इसे रद्द कर दिया। अब एजेंसी री-एग्जाम करा रही है। NTA के मुताबिक, री-एग्जाम में पूरे देश के एग्जाम सेंटरों पर 2 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी, 674 सिटी कोऑर्डिनेटर और 6,669 ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं।

पेपर लीक रोकने के लिए पहली बार भारतीय वायुसेना के विमान और हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया है। एयरफोर्स ने 200 से ज्यादा उड़ानें भरकर NEET-UG के क्वेश्चन पेपर देशभर के अलग-अलग जोन तक पहुंचाए हैं।

NTA के मुताबिक, 95 हजार से ज्यादा एग्जाम सेंटरों में CCTV निगरानी की व्यवस्था की गई है। कुल 1,38,560 CCTV कैमरे लगाए गए हैं। उनकी निगरानी राष्ट्रीय, राज्य और मंत्रालय स्तर पर की जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए 51,311 जैमर लगाए गए हैं।

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