नगर निगम के दो कर्मचारियों की चैंबर में जहरीली गैस से मौत
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बाद अब पुलिस ने शनिवार को प्रकरण दर्ज किया

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि, इंदौर। इंदौर नगर निगम के दो कर्मचारियों की चैंबर में जहरीली गैस से मौत के मामले में राजेंद्र नगर पुलिस ने चार महीने बाद एफआइआर दर्ज की है। घटना में आरोपित अज्ञात बताए गए हैं। निगम अधिकारी पहले ही इस मामले से पल्ला झाड़ चुके थे। सफाईकर्मियों के संगठन के पदाधिकारियों ने भी मामले में आवाज उठाई थी। बीके हरिजन कॉलोनी निवासी 26 वर्षीय करण श्यामलाल यादव नगर निगम में आउटसोर्स कंपनी की ओर से सफाई कार्य करता था। दो मार्च को वह अपने साथी अजय पुत्र शेरू डोडिया, निवासी देवश्री टाकीज के पीछे, के साथ डी-वाटरिंग वाहन (सीपीओ-8001) लेकर चोइथराम सब्जी मंडी गया था। उसकी ड्यूटी जोन-13, 15 और 21 में रहती थी।
सुलभ काम्प्लेक्स के सेप्टिक टैंक का पानी डी-वाटरिंग वाहन के माध्यम से खींचकर प्राइमरी लाइन के चैंबर में डालने के दौरान करण चैंबर में गिर गया। उसे निकालने के लिए अजय भी नीचे उतरा, लेकिन वह भी जहरीली गैस की चपेट में आकर बेहोश हो गया। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। मामले में पुलिस ने पहले मर्ग कायम किया था। नगर निगम से पत्राचार भी किया, लेकिन अधिकारियों ने संबंधित ड्यूटी से इन्कार कर दिया। इसके बाद भी पुलिस लंबे समय तक जांच ही करती रही। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। इसी के चलते पुलिस ने शनिवार को अज्ञात आरोपितों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया।





