पहली बार ‘आयरन बीम’ का हुआ उपयोग..मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच हिजबुल्लाह ने इजरायल पर किया बड़ा हमला

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच हिजबुल्लाह ने इजरायल पर बड़ा हमला किया, जिसे इजरायली सेना ने अपने अत्याधुनिक डिफेंस सिस्टम ‘आयरन बीम’ की मदद से विफल कर दिया। यह पहली बार है जब इस लेजर आधारित प्रणाली के वास्तविक उपयोग का दावा किया गया है।
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान से जुड़े ठिकानों पर की गई कार्रवाइयों के बाद क्षेत्र में तनाव बढ़ गया। इसी पृष्ठभूमि में लेबनान स्थित ईरान-समर्थित संगठन हिजबुल्लाह ने रविवार देर रात इजरायल की ओर कई मिसाइलें दागीं।
हालांकि, इजरायली सेना के मुताबिक, सीमा पार से दागे गए इन हमलों को ‘आयरन बीम’ ने हवा में ही निष्क्रिय कर दिया और किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ।
इजरायल का नया लेजर डिफेंस सिस्टम: आयरन बीम
‘आयरन बीम’ इजरायल का लेजर आधारित एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसे पारंपरिक इंटरसेप्टर मिसाइलों के विकल्प के रूप में विकसित किया गया है। इसे Rafael Advanced Defense Systems ने विकसित किया है।
इजरायली रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह सिस्टम रॉकेट, ड्रोन, मोर्टार शेल, छोटी दूरी की मिसाइलें जैसे हवाई खतरों को बेहद कम समय में निशाना बनाकर नष्ट कर सकता है।
कैसे काम करता है ‘आयरन बीम’?
पारंपरिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम जैसे Iron Dome इंटरसेप्टर मिसाइल दागकर दुश्मन के रॉकेट को हवा में मार गिराते हैं। इसके विपरीत, ‘आयरन बीम’ हाई-एनर्जी लेजर बीम का इस्तेमाल करता है। इजरायली अधिकारियों का दावा है कि यह तकनीक भविष्य के युद्ध की दिशा बदल सकती है।
‘आयरन बीम’ की प्रमुख विशेषताएं
लेजर आधारित तकनीक – लक्ष्य पर केंद्रित ऊर्जा किरण से उसे नष्ट करना
कम लागत प्रति इंटरसेप्शन – मिसाइल की तुलना में सस्ता
लगातार ऊर्जा स्रोत पर निर्भरता – जब तक बिजली उपलब्ध है, गोला-बारूद खत्म होने का खतरा नहीं
तेज प्रतिक्रिया समय – कुछ ही सेकंड में लक्ष्य भेदने की क्षमता
क्यों अहम है यह सिस्टम?
मध्य पूर्व में बढ़ते ड्रोन और रॉकेट हमलों को देखते हुए, लेजर आधारित डिफेंस सिस्टम को ‘गेम-चेंजर’ माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रणाली लगातार सफल रहती है, तो यह पारंपरिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम की लागत और सीमाओं को काफी हद तक कम कर सकती है।





