
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK ) में बीते 4 दिनों से चल रहे आंदोलन में अब तक 46 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, चार दिनों में 1100 से ज्यादा लोगों की भी गिरफ्तारी हुई है।
दरअसल, PoK में विधानसभा की 12 आरक्षित सीटों लेकर विवाद चल रहा है। ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं जो जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में जाकर बसे थे।
PoK सुप्रीम कोर्ट ने 7 जून को आरक्षण खत्म करने की मांगों को खारिज कर दिया और कहा कि संवैधानिक संशोधन सरकार से छीनी जाने वाली कोई रियायत नहीं है। इस फैसले के बाद जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) इन सीटों को खत्म करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रही है।
इस वजह से मुजफ्फराबाद, मीरपुर में बाजार, स्कूल, कॉलेज और दफ्तर बंद हैं। नेटबंदी भी जारी है। इससे घाटी बाहरी दुनिया से कटी हुई है।
कई नेताओं पर राजद्रोह का केस दर्ज
इससे प्रदर्शनकारियों का जोश कम नहीं हुआ है। उनमें नाराजगी और बढ़ गई है। JAAC के सदस्य धरने की तैयारी तेज कर रहे हैं। पाकिस्तानी आर्मी और सरकार ने पुंछ, मीरपुर और मुजफ्फराबाद में अतिरिक्त अर्धसैनिक बल तैनाती के आदेश दिए हैं। इनमें रेंजर्स और फ्रंटियर कॉन्स्टेबुलरी के जवान शामिल हैं।
प्रशासन ने प्रदर्शन समर्थक जेएएसी नेताओं शौकत नवाज मीर, ख्वाजा मेहरान और अन्य पर राजद्रोह के केस दर्ज किए हैं। सरकार अर्धसैनिक बलों का खौफ दिखाकर आंदोलन कुचलने की कोशिश कर रही है।
सरकार ने 5 जून को JAAC पर आतंकवाद विरोधी कानून के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से इलाके में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
रावलकोट में JAAC नेता उमर नजीर कश्मीरी ने सरकार और आर्मी के खिलाफ भाषण दिया। वे पिछले हफ्ते से छिपे हुए थे। उन्होंने घाटी से सुरक्षाबल हटाने की मांग की। वहीं, PoK में नेटबंदी के बावजूद भाषण लाइव हुआ। लाइव टेलीकास्ट के लिए स्टारलिंक इस्तेमाल का शक है।





