रतलाम जिले के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण सौगात; रतलाम से उज्जैन पहुंचने के लिए नया रूट,

रतलाम से उज्जैन के बीच कम दूरी का नया मार्ग बनने से रतलाम जिले के ग्रामीण अंचल में विकास की गति भी तेज होगी। जिले को उज्जैन के समीप ग्राम नईखेड़ी की सीमा से जोड़ने के प्रस्ताव को सिद्धांततः स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दे दी है।
दरअसल, प्रस्तावित रतलाम–खाचरौद फोरलेन मार्ग को नागदा तक बढ़ाने के संदर्भ में सृजन भारत द्वारा रतलाम से उज्जैन के बीच एक नए एलाइन्मेंट का शार्ट रूट प्रस्तावित कर गंभीर नदी तथा रेलमार्ग के ऊपर नया पुल बनाकर एक वैकल्पिक संपर्क मार्ग विकसित करने का सुझाव दिया गया था।
इससे सिंहस्थ महापर्व के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले तीर्थयात्रियों को आवागमन में सुविधा तो मिलेगी ही, साथ ही रतलाम और उज्जैन के बीच स्थित आंतरिक ग्रामीण क्षेत्रों को भी नया और सुगम संपर्क मार्ग प्राप्त होगा। 30 जनवरी 2026 को प्रस्तुत इस प्रस्ताव पर त्वरित निर्णय लेते हुए सर्वे कराया गया।
इससे रतलाम से उज्जैन की दूरी 115 किलोमीटर से घटकर लगभग 74 किलोमीटर रह जाएगी। इससे न केवल यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, बल्कि रतलाम से भोपाल जाने वाले यात्रियों को भी समय की बचत का दूरगामी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री द्वारा नए मार्ग की घोषणा किए जाने पर सृजन भारत ने इसे रतलाम जिले के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण सौगात बताया है।





