
राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि, छत्तीसगढ़/अंबिकापुर। बारिश का मौसम शुरू होते ही सरगुजा संभाग में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ गई हैं। सोमवार की रात एक ही दिन में बलरामपुर और सरगुजा जिले में जहरीले सांप के काटने से पिता-पुत्री सहित तीन लोगों की मौत हो गई। तीनों घटनाओं में पीड़ित जमीन पर सो रहे थे। वहीं इलाज में देरी और झाड़फूंक के कारण जान बचाई नहीं जा सकी। पहली घटना बलरामपुर जिले के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम डंभाटोली की है। यहां 36 वर्षीय शनिचरा पैंकरा सोमवार रात अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ जमीन पर बिस्तर लगाकर सोया था। रात करीब 12 बजे एक जहरीला सांप बिस्तर पर चढ़ गया और शनिचरा व उसकी चार वर्षीय बेटी हेमंती को डस लिया। कुछ काटने का एहसास होने पर शनिचरा की नींद खुली तो बिस्तर पर सांप देख उसके होश उड़ गए। कुछ ही देर में पिता-पुत्री की तबीयत बिगड़ने लगी।
परिजनों ने पहले गांव में ही झाड़फूंक कराना शुरू कर दिया, जिससे इलाज में घंटों की देरी हो गई। भोर करीब चार बजे हालत ज्यादा बिगड़ने पर दोनों को शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने हेमंती को मृत घोषित कर दिया, जबकि गंभीर हालत में शनिचरा को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर किया गया। अंबिकापुर पहुंचने के कुछ देर बाद इलाज के दौरान शनिचरा ने भी दम तोड़ दिया। एक साथ पिता-पुत्री की मौत से गांव में मातम पसरा है दूसरी घटना सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सकरिया की है। मैनपाट के परपटिया निवासी 13 वर्षीय आसमनी एक्का अपने मामा के घर सकरिया में रह रही थी। सोमवार रात करीब 9.30 बजे वह मौसी के साथ जमीन पर सो रही थी। इसी दौरान करैत सांप ने उसे डस लिया। परिजन उसे गंभीर हालत में पहले कुन्नी अस्पताल ले गए। वहां से चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर रेफर कर दिया। रात करीब ढाई बजे इलाज के दौरान आसमनी की मौत हो गई।
लगातार हो रही सर्पदंश की घटनाओं ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। पिछले सप्ताह ही बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र के कोटागहना गांव में भी सांप के काटने से नानी और नातिन की मौत हो गई थी। दोनों रात में जमीन पर सो रही थीं, तभी जहरीले सांप ने डस लिया था। समय पर अस्पताल नहीं पहुंचने के कारण उनकी जान नहीं बच सकी।




