सीहोर जिले में एक तरफा प्यार में मारी गोली
प्रेमी ने महिला को धमकी दी की तेरे बाप को गोली मार दूंगा, तेरा पूरा परिवार खत्म कर दूंगा

राष्ट्र आजकल प्रतिनिधि। सीहोर जिले के भैरुंदा में एकतरफा प्रेम में 18 वर्षीय आरती की गोली मारकर हत्या करने वाले आरोपी प्रभु सिंह दायमा को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई। ठोस सबूतों और गवाहों के आधार पर हत्या व जानलेवा हमले का अपराध सिद्ध हुआ।सीहोर जिले के भैरुंदा नगर की नारायण सिटी में एकतरफा प्रेम ने वह रूप ले लिया, जिसने एक मासूम बेटी की जान ले ली और एक मां की गोद हमेशा के लिए सूनी कर दी। करीब एक साल पहले घटित इस जघन्य हत्याकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया था। अब प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने आरोपी प्रभु सिंह दायमा को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया है।अभियोजन के अनुसार, ग्राम भडकुल निवासी प्रभु सिंह दायमा पिछले दो वर्षों से 18 वर्षीय आरती का पीछा कर रहा था। लगातार फोन कॉल, धमकियां और पीछा करना उसकी दिनचर्या बन चुकी थी। “तूने मुझे धोखा दिया है, तुझे और तेरे पिता को मार दूंगा” ऐसी धमकियों से पूरा परिवार दहशत में था। वह लगातार फोन कर परेशान करता, धमकाता और बुरी नीयत से उसका शोषण करने की कोशिश करता था।
छात्रा ने साहस दिखाकर थाना नसरुल्लागंज में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन आरोपी की सनक कम नहीं हुई। 14 जुलाई 2024 की रात करीब 8 बजे, जब घर में सिर्फ मां और उसके तीन बच्चे थे और पिता बाजार गए हुए थे, तभी आरोपी खुले गेट से पिस्तौल लेकर घर में घुस आया। गालियां देते हुए उसने सीधे आरती को जान से मारने की धमकी दी। यह कहते हुए उसने चार राउंड फायर किए, जिनमें से दो गोलियां आरती को लगीं और एक गोली उसकी मां ललिता कीर के सिर में जा लगी। गोली लगते ही आरती जमीन पर गिर पड़ी। उसके शरीर से लगातार खून बह रहा था। मां खुद घायल हालत में बेटी को बचाने के लिए चीखती रही, लेकिन आरोपी छत से कूदकर फरार हो गया। बच्चों ने किसी तरह पिता को सूचना दी। मोहल्ले वालों की मदद से मां-बेटी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान आरती ने दम तोड़ दिया।





