काशी में शिव विवाह की रस्में शुरू;बाबा विश्वनाथ की सगुन की हल्दी से महकी शिव नगरी

महाशिवरात्रि से पहले काशी में शिव विवाह की पावन रस्मों का शुभारंभ शुक्रवार को बाबा विश्वनाथ की सगुन हल्दी के साथ होगा। सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार बाबा को विवाह से पूर्व हल्दी अर्पित की जाएगी और उन्हें दूल्हा रूप में सजाया जाएगा।
बांसफाटक से निकलेगी हल्दी की पारंपरिक यात्रा
बांसफाटक स्थित श्रीमहंत लिंगिया महाराज (शिव प्रसाद पांडेय) के आवास, श्रीयंत्र पीठम “श्री धर्म निवास” से हल्दी की पारंपरिक यात्रा टेढ़ीनीम स्थित पूर्व महंत आवास के लिए रवाना होगी। यहां बाबा की पंचबदन चल प्रतिमा पर विधि-विधान से हल्दी अर्पित की जाएगी।
बड़ी शीतला माता मंदिर के उपमहंत अवशेष पांडेय (कल्लू महाराज) ने बताया कि काशी की लोकपरंपरा में शिव विवाह से पूर्व सगुन की हल्दी चढ़ाने की विशेष मान्यता है। इस वर्ष विशेष रूप से नासिक से मंगाई गई हल्दी बाबा को अर्पित की जाएगी।
सारंगनाथ से आएंगे ससुरालीजन
शिव विवाह की इस रस्म में बाबा के ‘ससुराल’ सारंगनाथ मंदिर से भी ससुरालीजन शामिल होंगे। सामूहिक रुद्राभिषेक पीठ के पदाधिकारियों के अनुसार, सारंगनाथ से हल्दी लेकर श्रद्धालु बांसफाटक पहुंचेंगे और वहां से शोभायात्रा के साथ टेढ़ीनीम महंत आवास जाएंगे। डमरू, शंखनाद और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के बीच बाबा को सगुन की हल्दी अर्पित की जाएगी।
विशेष पूजन और भव्य श्रृंगार
हल्दी चढ़ाने से पहले महंत परिवार की संरक्षिका मोहिनी देवी के सानिध्य में 11 वैदिक ब्राह्मणों द्वारा पंचबदन प्रतिमा का विशेष पूजन कराया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच बाबा का पारंपरिक और भव्य श्रृंगार होगा। दूल्हे के रूप में सजे श्रीविश्वनाथ की झलक पाने को भक्त उत्साहित हैं।





