गुजरात-राजस्थान में लू का ऑरेंज अलर्ट, 11 शहरों में पारा 41°C पार:महाराष्ट्र का नंदूरबार सबसे गर्म

मार्च में लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में मार्च के तीसरे हफ्ते में ही पारा 40 का आंकड़ा पार कर गया है। IMD ने गुरुवार को गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में हीटवेव और लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। महाराष्ट्र के विदर्भ, कर्नाटक और केरल में भी हीटवेव का यलो अलर्ट है।
हालांकि जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल, असम, मेघालय, अरुणाचल, सिक्किम, नगालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, मिजोरम, झारखंड, ओडिशा में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। हिमाचल में बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं।
गुरुवार दोपहर तक हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति और जम्मू-कश्मीर के सोनमर्ग में बर्फबारी जारी है। सोनमर्ग में बर्फ की चादर बिछने से पर्यटक फिर से पहुंचने लगे हैं।
बुधवार को गुजरात के वल्लभ विद्यानगर, राजकोट, सुरेंद्रनगर, बरोडा, अहमदबाद, सूरत और महाराष्ट्र के अकोला में तापमान 41°C से ज्यादा रहा। देश का सबसे ज्यादा तापमान 42.4°C महाराष्ट्र के नंदुरबार में रिकॉर्ड किया गया।
मौसम में सबसे ज्यादा बदला हुआ रूप उत्तर प्रदेश में दिखाई दिया, यहां बुधवार से घना कोहरा छाया है। विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम रही। मौसम विभाग के मुताबिक 18 साल बाद मार्च में ऐसे हालात बने हैं।
मेघालय में भी कोहरे के कारण विजिबिलिटी 50 से 100 मीटर के बीच रही। IMD का कहना है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ 14 मार्च से एक्टिव हो रहा है। जो उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। असम के डिब्रूगढ़ में आए तूफान से 100 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि तूफान के बाद भारी बारिश हुई, जिससे घरों और फसलों को नुकसान हुआ।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फरवरी में उत्तर और मध्य भारत में पश्चिमी विक्षोभ कम रहे। इस कारण बारिश कम हुई। इसका असर मार्च में दिख रहा है। बादल न होने से सूर्य की किरणें सीधे जमीन तक पहुंच रही हैं और सतह तेजी से गर्म हो रही है।
पश्चिम और मध्य भारत के ऊपर एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना है। इसमें हवा नीचे दबती है, जिससे बादल कम बनते हैं और गर्म हवाएं बनी रहती हैं। ये हालात तापमान बढ़ाने और हीटवेव के लिए जिम्मेदार हैं।





